Ziarat Ale Yaseen in Hindi, English with Translation

Ziarat Ale Yaseen हिंदी और इंग्लिश में तर्जुमे के साथ 

Ziarat Ale Yaseen को एक well known ज़ियारत के रूप में माना जाता है, जो Imam महदी से जुड़ा है और इमाम महदी को शिया इस्लाम के अंतिम (बारहवें) इमाम के रूप में भी माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, अले यासीन को अहलेबैत के नाम से जाना जाता है। शेख अब्बास कोमी ने इमाम महदी के लिए पहली ज़ियारत के रूप में माफ़तिह अल-जानन में ज़ियारत अली यासीन को सुनाया। शिया मुसलमान जिनको अरबी नई आती है वो Ziarat e Ale Yaseen in Hindi & English में पढ़ सकते हैं |

Ziyarat E Ale Yaseen एक बहुत ही बेहतरीन तरीका है अल्लाह की इबादत का। जो भी इंसान इस ज़ियारत को पढ़ता है उसको इमाम की बारगाह में हाज़िरी का शरफ़ तो मिलता ही है और साथ साथ उसके सारे मुसीबत भी दूर हो जाती हैं। यह दुआ किसी भी समय और किसी भी जगह पर पढ़ी जा सकती है, लेकिन इसे आमतौर पर रमज़ान और मुहर्रम के महीनों में, पैगंबर मुहम्मद और अहलेबैत की पैदाइश और शहादत के दिनों में, और किसी भी पाक दिन पर पढ़ा जाता है। Ziarat e Ale Yaseen हर रोज़ पढ़ सकते हैं लेकिन बेहतर है की Monday और Thursday इसको ज़रूर पढ़ें.

इस पोस्ट में आपको Ziyarat e Ale Yaseen in Hindi & English दी गयी है जिसे आप पढ़ सकते हैं और अपनी मुसीबतों से निजात पा सकते हैं

Ziyarat Ale Yaseen in English

SALAAMUN A’LAA AALE YAASEEN
ASSALAAMO A’LAYKA YAA DAA-E’YALLAAHE WA RABBAANIYYA AAYAATEHI
ASSALAAMO A’LAYKA YAA BAABALLAAHE WA DAYYAANA DEENEHI
ASSALAAMO A’LAYKA YAA KHALEEFATALLAAHE WA NAASERA HAQQEHI
ASSALAAMO A’LAYKA YAA HUJJATALLAAHE WA DALEELA ERAADATEHI
ASSALAAMO A’LAYKA YAA TAALEYA KETAABILLAAHE WA TARJOMAANEHI
ASSALAAMO A’LAYKA FEE AANAAA-E LAYLEKA WA ATRAAFE NAHAAREKA
ASSALAAMO A’LAYKA YAA BAQIYYATALLAAHE FEE ARZEHI
ASSALAAMO A’LAYKA YAA MEESAAQALLAAHIL LAZEE AKHAZAHU WA WAKKADAHU
ASSALAAMO A’LAYKA YAA WA’DALLAAHIL LAZEE ZAMENAHU
ASSALAAMO A’LAYKA AYYOHAL A’LAMUL MANSOOBO
WAL I’LMUL MASBOOBO WAL GHAWSO
WAR RAHMATUL WAASE-A’TO
WA’DAN GHAYRA MAKZOOBIN
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TAQOOMO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TAQ-O’DO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TAQRA-O WA TOBAYYENO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TOSALLEE WA TAQNOTO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TAR-KA-O’ WA TASJODO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TOHALLELO WA TOKABBERO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TAHMADO WA TASTAGH-FERO
ASSALAAMO A’LAYKA HEENA TUSBEHO WA TUMSEE
ASSALAAMO A’LAYKA FIL LAYLE EZAA TAGH-SHAA
WAN NAHAARE EZAA TAJALLAA
ASSALAAMO A’LAYKA AYYOHAL EMAAMUL MAAMOONO
ASSALAAMO A’LAYKA AYYOHAL MOQADDAMUL MAAMOOLO
ASSALAAMO A’LAYKA BE-JAWAAME-I’S SALAAME
USH-HEDOKA YAA MAWLAAYA ANNEE
ASH-HADO AN LAA ELAAHA ILLALLAAHO WAHDAHU LAA SHAREEKA LAHU
WA ANNA MOHAMMADAN A’BDOHU WA RASOOLOHU
LAA HABEEBA ILLAA HOWA WA AHLOHU
WA USH-HEDOKA YAA MAWLAAYA ANNA A’LIYYAN AMEERAL MOMINEENA HUJJATOHU
WAL HASANA HUJJATOHU WAL HUSAYNA HUJJATOHU
WA A’LIYYABNAL HUSAYNE HUJJATOHU
WA MOHAMMADABNA A’LIYYIN HUJJATOHU
WA JA’FARABNA MOHAMMADIN HUJJATOHU
WA MOOSABNA JA’FARIN HUJJATOHU
WA A’LIYYIBNA MOOSAA HUJJATOHU
WA MOHAMMADABNA A’LIYYIN HUJJATOHU
WA A’LIYYABNA MOHAMMADIN HUJJATOHU
WAL HASANABNA A’LIYYIN HUJJATOHU
WA ASH-HADO ANNAKA HUJJATULLAAHE
ANTOMUL AWWALO WAL AAKHERO
WA ANNA RAJ-A’TAKUM HAQQUN LAA RAYBA FEEHAA
YAWMA LAA YANFA-O’ NAFSAN EEMAANOHAA LAM TAKUN AAMANAT MIN QABLO
AW KASABAT FEE EEMAANEHAA KHAYRAN WA ANNAL MAWTA HAQQUN
WA ANNA NAAKERAN WA NAKEERAN HAQQUN
WA ASH-HADO ANNAN NASHRA HAQQUN WAL BA’SA HAQQUN
WA ANNAS SERAATA HAQQUN WAL MIRSAADA HAQQUN
WAL MEEZAANA HAQQUN WAL HASHRA HAQQUN
WAL HESAABA HAQQUN WAL JANNATA HAQQUN
WAN NAARA HAQQUN WAL WA’DA WAL WA-E’EDA BEHEMAA HAQQUN
YAA MAWLAAYA SHA-QEYA MAN KHAALAFAKUM WA SA-E’DA MAN A-TAA-A’KUM
FASH-HAD A’LAA MAA ASH-HADTOKA A’LAYHE
WA ANAA WALIYYUN LAKA BAREE-UN MIN A’DUWWEKUM
FAL HAQQO MAA RAZEETOMOOHO WAL BAATELO MAA ASKHAT-TOMOOHO
WAL MA’ROOFO MAA AMARTUM BEHI WAL MUNKARO MAA NAHAYTUM A’NHO
FA NAFSEE MOA-MENATAN BILLAAHE WAHDAHU LAA SHAREEKA LAHU
WA BE RASOOLEHI WA BE AMEERIL MOMINEENA WA BEKUM YAA MAWLAAYA
AWWALEKUM WA AAKHEREKUM WA NUSRATEE MO-A’DDATAN LAKUM
WA MAWADDEE KHAALESATAN LAKUM AAMEENA AAMEENA

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Ziarat E Ale Yaseen in Hindi

सलामुं अला आले यासीन
अस’सलामो अलैका या दा-इयाल्लाहे व रब’बानिया आयातेही

अस’सलामो अलैका या बाब-अल्लाहे व दय्याना दीनेही
अस’सलामो अलैका या खली’फतल’लाहे व नासेरा हक-केही
अस’सलामो अलैका या हुज्जत-अल्लाहे व दलीला इरादातेही
अस’सलामो अलैका या  तालेया किताब-अल्लाहे व तर्जुमा-नेही
अस’सलामो अलैका फी  आना-ई लैलिका व अतराफे नहारेका
अस’सलामो अलैका या  बकीयत-अल्लाहे फी अर्ज़ेही
अस’सलामो अलैका या  मीसा-क़ल-लाहिल लज़ी अखा’ज़हू व वक्का’दहु
अस’सलामो अलैका या  वादल’लाहिल लज़ी ज़मानेहू
अस’सलामो अलैका अय्योहल  आ’लमुल मंसूबो
वल इल्मुल मस्बूबो वाल गौसो
वर रहमतुल वासे’अतो
वा’दन गैरा मक्जूबिन
अस’सलामो अलैका हीना तक़ूमो
अस’सलामो अलैका हीना  तक़’ओ-दू
अस’सलामो अलैका हीना तक़रा-ओ व तो’बय्यनो
अस’सलामो अलैका हीना तोसल्ले व तक़’नोतो
अस’सलामो अलैका हीना तर-का-ओ व तस-जोदो
अस’सलामो अलैका हीना तोहल’लेलो व तोकब’बेरो
अस’सलामो अलैका हीना तःमदो व तस्तग’फेरो
अस’सलामो अलैका हीना तुस्बेहो व तुम्सी
अस’सलामो अलैका फ़िल लैले ईज़ा तग्शा

वन नहारे ईज़ा तजल’ला
अस’सलामो अलैका  अय्योहल ईमामो मामूनो
अस’सलामो अलैका  अय्योहल मोक़द’दमुल मामूलो
अस’सलामो अलैका बे-जवामे’ईस सलामे
उश’हेदोका या मौलाया अन्नी
अश’हदों अन ला इलाहा इलल’लाहो वह’दहु ला शरीका लहू
व अन्ना मोहम्मदन अब्दोहू व रसूलोह
ला हबीबा ईल्ला होवा व अहलोहू
व उश-हेदोका या मौलाया अन्ना अलिय्यन अमीरल मोमेनीना हुज्जतोहू
वल हसना हुज्जतोहू वल हुसैना हुज्जतोहू

व अली यब्नल हुसैने हुज्जतोहू

व  मोहम्मद इब्न अलिय्यिन  हुज्जतोहू
व जाफ़र इब्न मोहम्मदीन हुज्जतोहू
व मूसा इब्न जाफ़’रिन हुज्जतोहू
व अली यबना मूसा हुज्जतोहू
व मोहम्मद इब्न अलिय्यिन हुज्जतोहू
व अली इब्ने मोहम्मदीन हुज्जतोहू
वल हसन इब्ने अलिय्यींन हुज्जतोहू
व अश’हदों अन’नका हुज्जत-अल्लाहे
अन्तोमुल अव्वलो वाल आखेरों
व अन्ना रज’अतोकुम हक’कुन ला-रेबा फ़ीह
यौमा ला यनफा-ओ नफ़्सन ईमानोहा लम तकुन  आमानत मं क़बलो
औ कसेबत फी ईमानेहा खैरन व अन्नल मौता हक’कुन
व अन्ना नाकेरन व नाकीरण हक’कुन हक’कुन
व अश’हदों अन’नन नशरा  हक’कुन वाल बा’असा हक’कुन
व अन’नस सिराता हक’कुन वाल मिरसादा हक’कुन
वल मीज़ाना हक’कुन वल हशरा हक’कुन
वल हिसाबा हक’कुन वल जन्नता हक’कुन
वन नारा हक’कुन वल वा’अदा वल व’-ई’ईदा बे’हिमा हक’कुन
या मौलाया शा’क़ेया मन ख़ला’फ़कुम व सा’ईदा मन आता’अकुम

फश’हद अलामा अश’हद तोका अलैहे
व अन्ना वाली’उन लका बरी’उन मिन अदुव्वेकुम
फल हक’क़ा मा रजीतो’मूहो वल बातेलो मा असखत-तोमूहो
वल मारूफ़ो मा अमरतुम बेही वल मुन्करो मा नहय’तुम अन्हो

फ़ा’नफ़्सी मोआमें-नतन बिल्लाहे वह्दोहू ला शरीका लहू
व बे’रसूलेही व बे’अमीरल मोमेनीना व बेकुम या मौलाया
अव्वालेकुम व आखेरेकुम व नुसरती मो’अद-दतन लकुम
व मवद-दी खालेसतन लकुम आमीना आमीना

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Ziyarat (Ziarat e Ale Yaseen) Ale Yaseen Hindi Mein

Ziarat Ale Yaseen खुदा ने इंसान की पैदाइश का अहम मकसद अपनी इबादत को करार दिया है  और उसके रिज्क की जिम्मेदारी अपने जिम्मे ले रखी है। जिससे ये साफ तौर पर जाहिर होता है कि इंसान को अपने रिज्क की फिक्र में इबादत में जरा भी कमी नहीं करनी चाहिए।इबादत इंसान अपने तौर पर या अपनी पसंद से किसी काम को अंजाम देना ही नहीं होता बल्कि इबादत खुदा के फरमान और अहले बैत अ.स के बयान किए गए हुक्मों की रौशनी में आमाल यानी कि अंजाम देने का नाम है।

Ziarat Ale Yaseen : असल में ये दरवाज़े अहले-बैत अ.स की इमामत व विलायत का अकीदा है इसी लिहाज से इमाम ज़माना अ.स की जियारत में आपको ये जुमला मिलता है: सलाम हो आप पर ऐ अल्लाह के वह दरवाज़े कि जिसकी अलावा किसी और दरवाजे से अल्लाह की बारगाह में हाज़िर नहीं हुआ जा सकता है।

Ziarat E Ale Yaseen पढ़ने का तरीका

ज़ियारत-ए-आले-यासीन को पढ़ने का तरीका नीचे दिया हुआ है:

  • सबसे पहले, वुज़ू करना चाहिए।
  • फिर, पाख और साफ जगह पर बैठ जाना चाहिए और अल्लाह से दुआ कबूल करने की गुज़ारिश करनी चाहिए।
  • फिर, ज़ियारत-ए-आले-यासीन की दुआ को दिल से और ख़ुलूस के साथ पढ़ना चाहिए।
  • दुआ पढ़ने के बाद, अल्लाह से अपनी सभी दुआओं को कबूल करने की गुज़ारिश करनी चाहिए।

ज़ियारते आले यासीन ( Ziarat Ale Yaseen ) से आपको मिलने वाले फायदे (Benefits of Ziyarat E Ale Yaseen)

यही की खुदा बंदे ताला की बारगाह में इबादत इमाम जमाना अ.स के अकीदे के जरिए ही मुमकिन हो सका है।इसके अलावा रिवायतों में ये भी आया है हमारे दौर में खुद की बारगाह से जो कुछ भी नाजिल होता है वो सारा का सारा इमाम जमाना अलै0 के जरिये सब लोगो तक पहुंचता है और उन्ही के जरिए हमारी बलायें और हमारी आए दिन की मुसीबतें दूर होने लग जाती है,वही बंदे की रोज़ी में एकाएक इजाफा यानी की बरकत देखी जाती है।वही बीमारों को शिफा मिलती है।

यही वजह है कि इमाम ज़माना अ.स ने Ziarat Ale Yaseen  के सिलसिले में असल के फरमाया कि जब तुम खुदा की बारगाह में हाज़िर होना चाहो तो कुछ इस कदर कहो जिस तरह अल्लाह ने अपने बंदे को तालीम दी है।Ziarat Ale Yaseen in Hindi

ज़ियारत आले यासीन (Ziarat Ale Yaseen) का इस्लाम में महत्व

आपको को इससे महरूम नही होना चाहिए कि इमाम की जियारत भी है।इस ज़ियारत को पढ़ने से ही हमारी तमाम मुसीबतें खत्म हो जाती है।और इमाम की बारगाह में हाज़िरी का शर्फ भी बंदे को हासिल हो जाता है।वही इस ज़ियारत की एक और खूबसूरती ये भी है कि इसमें कई तरह के अकीदे का जिक्र हुआ रखा है ।असल में  इमाम ज़माना अ.स की ख़िदमत में अकीदों को पेश करके उनको ग्वाह मुकर्रर किया गया है।

वह हर एक बंदा जिसके अकीदे की सच्चाई इमाम ज़माना अ.स की ग्वाही और तस्दीक शामिल हो उस बन्दे की निजात में भला कौन संदेह कर सकता है।यही वजह है कि हज़रात कयामत में हर बंदे के आमाल के बारे में सवाल करेंगे और जबकि इसी को ग्वाह माना गया है।तो उन से बेहतर अकीदे की क्या तसव्वुर और सोच हो सकती है।यूं तो ये ज़ियारत बंदे के जरिए हर वक्त पढ़ी जा सकती है लेकिन इसे पीर की रोज़ के अलावा जुमेरात को इसके पढ़ने की ताकीद पक्की की गई है। गैबत के ज़माने में ये हर शख्स के लिए अज़ीम अज़ीम तोहफ़ा है।बंदे के सहूलियत के लिहाज से हमे इसे गाफिल नही रहना चाहिए।

Ziarate Ale Yasin खुदा को सलाम करना है

Ziarate Ale Yasin असल में मुसलमान भाई अपने इमाम को सलाम करने के लिए करते है उस नायाब शक्ति की जोकि हम पर हमेशा नजर बनाए हुए है।इस नाते हर मुसलमान भाई को उस पॉवरफुल शक्ति को सलाम करना तो वाजिब है।ये एक तरह से औपचारिक रूप से अपने इमाम से बातचीत करने की तहजीब है।जैसे की जब आपको खड़े होने पर असीम शांति मिले बैठने पर सुकून मिले और जब आप प्रार्थना कर रहे हो तो उस दौरान को तकबीर मिले।इमाम के सभी कार्य बुद्धिमत्ता पूर्ण होते है। ये असल मायने में अल्लाह के शब्द है।

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