Taraweeh Ki Dua in Hindi – तरावीह की दुआ का सही तरीका

Taraweeh Ki Dua in Hindi, English और Arabic Mein Images के साथ

Assalamun  alikum, आज हम आपको तरावीह की दुआ हिंदी में (Taraweeh ki Dua in Hindi) और इंग्लिश में (taraweeh ki Dua in English) इस ब्लॉग पोस्ट के ज़रिये बताने जा रहे हैं। तरावीह एक Arabic word hai जिसका मतलब होता है ” आराम करो “.  तरावीह की दुआ एक बहुत की बेहतरीन दुआ है। यह दुआ तरावीह की नमाज़ (Taraweeh ki Namaaz) में पढ़ी जाती है।  जब हम तरावीह की 4 रकत complete होने पर थोड़ी देर के लिए बैठते हैं तब तरावीह की यह दुआ पढ़ी जाती है।

बाकी दुआओं की तरह तरावीह की दुआ ya Taraweeh ki Tasbeeh का बहुत सवाब है। तरावीह की दुआ हिंदी में (Taraweeh ki Dua in Hindi) , इंग्लिश में और अरबी में नीचे दिए गायें है, आप यहाँ से इसको इमेज फाइल डाउनलोड भी कर सकते हैं और रमज़ान में तरावीह की नमाज़ के वक़्त हर ४ रकत के बाद उसको पढ़ सकते हैं  |

यह नमाज़ रमज़ान की 1 से आखरी तारीक़ तक रोज़ ऐशा और फज्र की नमाज़ के बीच में पढ़ी जाती है। आमतौर पर Taraweeh ki Namaaz २-२ रकअत करके २० रकत पढ़ी जाती है। अगर आप यह नमाज़ जमात के साथ पढ़ रहे हैं तो वित्र भी जमात के साथ पढ़ना चाहिए।

Taraweeh ki Dua

हम आपको तरावीह की दुआ हिंदी , इंग्लिश और अरबिक में नीचे बता रहे हैं। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी भी ज़बान में इसे पढ़ सकते हैं।

तरावीह की दुआ हिंदी में- Taraweeh Ki Dua Hindi Mein

असल मायने में इसका सही नाम तसबीहे तरावीह है।वही मैंने कुछ लोगो की परेशानी को देखते हुए मैंने आपकी सुविधानुसार अरबी और हिंदी टेस्ट को एक साथ (Taraweeh ki dua) लिखा है।इसे आप बहुत आसानी से मिलान करके याद कर सकेंगे। यही वजह से मैंने इसे 5 हिस्से में बांट दिया है।Taraweeh ki dua Hindi mein आपको सभी जानकारी इस ब्लॉग में प्रदान की गई है

सुब्हा-नल मलिकिल क़ुद्दूस * सुब्हा-न ज़िल मुल्कि वल म-ल कूत * सुब्हा-न ज़िल इज्जती वल अ-ज़-मति वल-हैबति वल क़ुदरति वल-किब्रियाइ वल-ज-ब-रुत * सुब्हा-नल  मलिकिल हैय्यिल्लज़ी ला यनामु व ला यमूत * सुब्बुहुन कुद्दूसुन रब्बुना व रब्बुल मलाइकति वर्रूह * अल्लाहुम्मा अजिरना मिनन्नारि * या मुजीरु या मुजीरु या मुजीर 

Taraweeh ki Dua Hindi

Taraweeh Ki Dua in English

Subhanal Malikil Quddus;
Subhana dhil Mulki wal Malakuti;
Subhana dhil izzati wal aDhmati wal haybati wal Qudrati;x`
wal kibriyaa’i wal jabaroot;
Subhanal Malikil hayyil ladhi, la yunaamu wa layamutu;
Subbuhun, Quddusun, Rabbuna Rabbul malaa’ikati war-rooh;
Allahumma Ajirnee Minan Naar;
Ya Mujeero, Ya Mujeero, Ya Mujeer.

Taraweeh ki Dua in Arabic

Taraweeh Dua in Arabic

तरावीह औसतन कितने समय तक चलने का दस्तूर है ?

तरावीह एक तरह की इस्लामिक नमाज़ है इसे ईशा की नमाज़ के बाद रात में पूरी मण्डली में नमाज़ अदा करने का चलन है।तरावीह की नवाज़ में 20 रकअत होती हैं और सामान्य तौर पर करीब दो घंटे तक की होती है।वैसे तो तरावीह की नमाज़ पूरे महीने पर आता है लेकिन आमतौर पर शहरों में देखा गया है कि ये नमाज 3 दिन से लेकर 10 दिनों के मध्य में ही खत्म हो जाता है।

तरावीह की दुआ के फायदे – (Taraweeh ki Dua ke Fayde in Hindi)

तरावीह की दुआ रमज़ान के महीने में पढ़ी जाने वाली एक बहुत ही पाक दुआ है जिसके कई फायदे हैं, जिनमें से कुछ नीचे बताये गए हैं:

  • तरावीह की दुआ से अल्लाह की रहमत मिलती है। रमज़ान का महीना अल्लाह की रहमत और माफ़ी का महीना है
  • तरावीह की दुआ में मांगी गई दुआएं अल्लाह ज़रूर कबूल की जाती हैं।
  • तरावीह की दुआ से गुनाहों की माफ़ी मिलती है। रमज़ान का महीना तौबा और इस्तग़फ़ार का महीना है। तरावीह की दुआ में अपने गुनाहों की माफ़ी मांगने से अल्लाह माफ़ कर देते हैं।
  • तरावीह की दुआ से जन्नत का दरवाज़ा खुलता है। तरावीह की दुआ में जन्नत की दुआ मांगने से अल्लाह जन्नत में जाने का रास्ता आसान कर देते हैं।
  • तरावीह की दुआ से दुनिया और आख़िरत में कामयाबी मिलती है।

इसके अलावा, तरावीह की दुआ पढ़ने से दिल में ईमान और तौहीद की जड़ें मजबूत होती हैं। इंसान को अल्लाह के करीब होने का एहसास होता है और उसकी इबादत में दिल लगाने की तौफीक मिलती है।

Taraweeh Ki Namaaz मुसलमान भाई कैसे अदा करे बेहद आसान शब्दों में

इस्लाम धर्म के नियमानुसार हर मुसलमान भाई को हर रात तरावीह की नमाज अदा करने का खुदा का फरमान है।वही मुसलमान भाइयों को बता दे कि तरावीह एक खास तरह की नमाज़ है जोकि सिर्फ रमज़ान के समय पढ़ी जाती है।तरावीह की नमाज़ अदा करने के लिए इस्लामिक नियम के अनुसार पहले वुज़ू करना जरूरी होता है।इसके बाद प्रार्थना के वास्ते खड़े हो जाना है और प्रारंभिक प्रार्थना कहने है इसके ठीक बाद सूरह अल-फातिहा को पढ़ना चाहिए।फिर आप कोई अन्य सूरह पढ़ें जो आप बखूबी रूप से जानते हो।वही अंत में आपको समापन प्रार्थना करने का नियम है।

Taraweeh Ki Dua पढ़ते समय आप की जानकर अपने साथ रखे ऐसा करने से आपको समझने में सुविधा होगी।इस्लाम धर्म की खूबसूरती ये भी है कि इसमें किसी भी दुआ को अच्छे से तलफुज के साथ पढ़ना इस्लाम में अफजल माना गया है।बहुत कम लोगो को पता होगा कि अधिक दिनों तक गलत दुआ पढ़ने से गुनाह भी हो सकता है।नेक दिल अल्लाह ताला आपका रमजान में रोजा और नमाज़ व तरावीह को कबूल करे।

 वही मुसलमान भाइयों को चाहिए तरावीह की नमाज़ जोकि एक लाभकारी प्रथा है इसे हर मुसलमानों को रोज की रोज रूप बड़ी शिद्दत के साथ पढ़ना चाहिए।असल में ये अल्लाह के साथ अपने आध्यात्मिक संबंध को बढ़ाने में सहायता करता है।इसके अलावा भी कई अन्य लाभ मुसलमान भाइयों को मिलते है।इसके अलावा आपको एक और बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि वो अपने स्थानीय मस्जिद में Taraweeh ki Namaaz में शामिल होने को तवज्जो दे।वही अगर आप ऐसा करने में असमर्थ है तो वे घर पर भी नमाज अदा कर सकते है।

Taraweeh Ki Dua का इस्लाम में असल मतलब

रमजान मुबारक में taraweeh ki Namaz का विशेष रूप से पढ़ी जाती है। जोकि 20 rakat की होती है।इसको 2 rakat करके पढ़े जाने का चलन है। इसमें हर चार rakat में सलाम फेरने के बाद मुसलमान भाइयों को Taraweeh Ki Dua पढ़ने का नियम है। इस नियम के अनुसार आपको इस दुआ को एक दिन में मर्तबा पढ़ने का नियम होता है।जैसा कि आपने अभी समझ लिया की हर चार रकत के बाद इसे पढ़ा जाता  है। इस लिहाज से आपको इस दुआ को एक दिन में 5 पढ़ने के बाद सच्चे मुसलमान होने के नाते आपको इस बात का पता होना चाहिए की इस्लामिक दुआ का क्या मतलब है और इस दुआ के पीछे मुसलमान क्या कहना चाह रहे।

धर्म के जानकर होने के नाते की आपको ये पता होना चाहिए की जितना जरूरी दुआ को पढ़ना होता है उतना ही जरूरी दुआ का मतलब भी जाना जरूरी होता है।क्योंकि अगर आपको दुआ का मतलब पता हो जाए तो अधिक से अधिक पढ़ने का मामूर हो जायेंगे।

पाक है वो अल्लाह जो मुल्क और बादशाहत और नेकदिल वाला है।

पाक है वो अल्लाह जो बड़ा रहमदिल और इज्जतो अजमत वाला है और कुदरत वाला है,

और बढ़ाई वाला और पाक है वो अल्लाह जिसकी बादशाहत है जिंदा रहने वाला न उसके लिए सुकून वाला नींद और नाही मौत है,

वो बे इन्तेहा पाक शरीफ और मुक़द्दस है हमारा नेक दिल परवरदिगार फरिस्तों और रुह का सच्चा परवरदिगार है,

ए अल्लाह जहन्नम की आग से हमें कदम कदम पर बचाना ऐ बचाने वाले तू पुरे जहान का रहीमो करीम है

उम्मीद करते है कि आपको Taravi ki Dua in Hindi Translation का हिंदी में अनुवाद बखूबी रूप से समझ सकते है।

FAQs Related to Taraweeh ki Dua in Hindi/English

Q. तरावीह की दुआ इस्लामी धर्म के मुताबिक कब पढ़ी जाती है ?

मुसलमान भाइयों को तरावीह की दुआ रमजान के पाक महीने में तरावीह की नमाज़ के 4 रकअत मुकम्मल हो जाने के सलाम फेरने पर पढ़ी जाती है।

Q. क्या मुसलमान भाई तरावीह की दुआ 2 रकअत के बाद भी पढ़ सकते है इसे गुनाह तो नही माना जाता है ?

नही,तरावीह की दुआ 2 रकात पर मुसलमान नही पढ़ सकते है।इस्लाम धर्म के अनुसार ये नियम विरुद्ध है।

Q. तरावीह का इस्लाम धर्म में मतलब क्या होता है?

तरावीह का इस्लामिक मजहब में मतलब “आराम करने और आराम करने के लिए” होता है।

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