Azan ke Baad ki Dua in Hindi, English & Arabic with Tarjuma

अगर आप अजान के बाद की दुआ (Azan ke baad ki dua) सर्च कर रहे है तो हमारा यह पेज आपके लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि आज हम अपने इस पेज में Azan ke baad ki dua in Hindi के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध करा रहे है| यह तो हम सभी जानते है की प्रत्येक मुस्लिम भाई और बहन को नमाज़ हर हाल में पढ़नी चाहिए, नमाज से ही इंसान खुदा की इबादत करता है, नमाज से पहले अजान होती है, कया आप जानते है की अज़ान के बाद की दुआ (Azan ke baad ki dua in Hindi ) ही एक ऐसी दुआ हैजिसे दुनिया में सबसे ज्यादा सुना या पढ़ा जाता है

खुदा की रहमत ऐसी है की इस कायनात में शायद ही कोई जगह हो जहाँ पर आपको अजान सुनने को ना मिले, अधिकतर लोगो का मानना है जब किसी भी मुसलमान के कानो में अजान की आवाज पहुँचती है तो इंसान अपने सभी काम छोड़कर खुदा की इबारत में लग जाता है और अजान के बाद की दुआ (Azaan k Baad ki Dua) मन में पढ़ने लगता है|

यह दुआ अज़ान के फ़ौरन बाद पढ़ी जाती है और इसमें अल्लाह से अच्छाइयों की मांग की जाती है। अज़ान के बाद की दुआ में अल्लाह से नेक रास्ते पर चलने, अपनी इबादत को पाक रखने और अच्छे काम करने की मदद मांगी जाती है। पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया कि, “जो कोई अज़ान के बाद की दुआ करेगा, उसकी दुआ क़ुबूल की जाएगी।”

Azan ke Baad ki Dua in Hindi

अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़ीहिल दावती-त-ताम्मति वस्सलातिल कायिमति आती मुहम्मदानिल वसिलता वल फ़ज़ीलता वद्दरजतल रफ़ीअता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व्’अत्तहू वर ज़ुक्ना शफ़ाअतहु यौमल क़ियामती इन्नका ला तुखलिफुल मीआद |

Tarjuma in Hindi

ए मेरे अल्लाह ! ए परवरदिगार इस अज़ान और क़यामत तक जारी रहने वाली नमाज़ के रब और हमारे नबी हज़रत मुहम्मद स.अ. को फ़ज़ीलत और बुलंद दर्ज़ा अता फरमा और उनको मक़ामे महमूद में खड़ा कर जिसका तूने उनसे वादा किया और हमें कयामत के दिन उनकी शफाअत से नवाज़े । बेशक तू वादा खिलाफी नहीं करता |

Azan ke Baad ki Dua in Hindi Images

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Azan ke Baad ki Dua in English

Allahumma rabba hazihid dawwatit taammati wassalatul kaimah aati muhammadanil waseelata wal fazeelata waddarazata- rrafeeyata wab ashu makamam mahmooda allazi wa addatuhu warzukana shafaatahu yaumal qiyamati innaka la tukhliful miyaad।

Azan ke Baad ki Dua in Arabic

اَللّٰہُمَّ رَبَّ ھٰذِہِ الدَّعْوَةِ التَّآمَّةِ وَالصَّلٰوةِ الْقَآئِمَةِ اٰتِ مُحَمَّدَنِ الْوَسِیْلَةَ وَالْفَضِیْلَةَوَالدَّرَجَتَہ الرَّفِیٌعَتَہ وَابْعَثْہُ مَقَامًا مَّحْمُوْدَنِ الَّذِیْ وَعَدْتَّہ  وَر زُکنا شَفاعَتَھُ یَوٌمَ الٌقِیٰمَتہِ اِنَّکَ لَا تُخٌلِفُ الٌمِیٌعَاد

Azan ke Baad ki Dua in Arabic Images

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अजान के बाद की दुआ पढ़ना और सुनना बहुत जरुरी है लेकिन कुछ इंसानो के मन में यह सवाल भी होता है तो की आखिर अजान के बाद की दुआ पढ़ना क्यों जरुरी है, चलिए अब हम आपको बताते है की अजान के बाद की दुआ पढ़ना क्यों जरुरी है- 

अज़ान के बाद कि दुआ (Azaan ke Baad ki Dua) पढ़ना क्यों जरुरी है?

इस्लाम को दुनिया का सबसे बड़ा धर्म माना जाता है, ऐसे सभी इंसान जो इस्लाम को मानते है उन सभी के लिए नमाज पढ़ना जरूरी होता है। सभी मुसलमानो को नमाज पढ़ने के लिए बुलाने के लिए नमाज से पहले अजान होती है और फिर अजान के बाद की दुआ (Azaan k Baad ki Dua) पढ़ी जाती है, यह तो हम सभी जानते है की नमाज दिन में पांच बार पढ़ी जाती है इसीलिए अजान के बाद की दुआ भी पांचो समय पढ़ी जाती है| इस दुआ के बाद आपको Darood Shareef Hindi mein पढ़ना चाहिए. दरूद शरीफ पढ़ने के बहुत फायदे हैं.

अजान के बाद की दुआ में कितने कलमे होते है?

ऊपर आपने पढ़ा की अजान की बाद की दुआ (Azaan k Baad ki Dua in Hindi) प्रत्येक मुस्लिम भाई और बहन को पढ़नी चाहिए, अगर हम अजान के बाद की दुआ में कलमों की बात करें तो हम आपको बता दें अजान के बाद की दुआ में 12 कलमे होती हैं, इन कलमों में खुदा के बारे में बताने के साथ साथ नमाज पढ़ने के लिए बुलाया जाता है| अजान सुनते ही मुसलमान को अपना काम छोड़कर खुदा की इबारत करने जाना चाहिए| अजान के बाद की दुआ में तो आप जान ही गए है चलिए अब हम आपको अजान के इतिहास के बारे में जानकारी देते है 

अजान का इतिहास – History of Azan

यह तो सभी इंसान जानते है की इस्लाम धर्म की शुरुआत मक्का में हुई थी और इस्लाम धर्म की की शुरुवात मोहम्मद साहब ने की थी| इस्लाम धर्म की शुरुआत होने के कुछ दिनों बाद मक्का में एक मस्जिद का निर्माण किया गया था लेकिन इस्लाम को मानने वाले इंसानो के घर मस्जिद से दूर बने थे, ऐसे में नमाज पढ़ने के लिए सभी लोगो को एक साथ बुलाने के लिए कोई योजना बनानी पड़ी, मोहम्मद के साथ में मौजूद एक शख्स ने अज़ान देने का मशवरा दिया। अजान का मशवरा मोहम्मद साहब और अन्य सभी लोगो को बहुत ज्यादा पसंद आया बस उसी समय से सभी मुस्लिम इंसानो को नमाज पढ़ने के लिए बुलाने के लिए अजान की शुरुआत की गई थी|  

अज़ान की दुआ को पढ़ने के फायदे 

ऊपर आपने अजान की दुआ के बारे में जाना, लेकिन कया आपको पता है की अजान के बाद की दुआ पढ़ने या सुनने के काफी सारे फायदे भी है, चलिए अब हम आपको अजान के बाद की दुआ पढ़ने के फायदों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –   

  1. आज के समय इंसान मन को शांत रखने की लिए अनेको उपाय अपनाता है, पाँचो समय की नमाज़ सुनने और पढ़ने से भी मन की शांति मिलती है| लेकिन कया आप जानते है की अजान के बाद की दुआ पढ़ने से मन को शांति मिलती है, अजान के बाद (Azaan k Baad ki Dua) की दुआ पढ़ने का फायदा यह है मन शांत रहता है और अल्लाह हमारे ऊपर आने वाली परेशानी को दूर कर देता है| इसीलिए प्रत्येक मुसलमान को अजान के बाद की दुआ जरूर पढ़नी चाहिए
  2. जब कोई मुसलमान अज़ान सुनता हैं तो अजान से इंसान के मन और दिमाग से सभी प्रकार के बुरे ख्यालात खत्म हो जाते हैं। किसी भी इंसान का मन अगर काम में नहीं लग रहा है तो अजान सुनने और नमाज पढ़ने के बाद मन की एकाग्रता बढ़ने लगती है और सभी कामो में मन लगने लगता है। अज़ान के बाद की दुआ पढ़ने से काम अच्छा चलता है और काम में रूकावट नहीं आती है
  3. किसी भी मुसलमान के कानो में जैसे ही अज़ान की आवाज पहुँचती है वैसे ही वो अपने सभी काम छोड़कर खुदा की इबादत में लग जाता है और जब कोई भी इंसान खुदा की इबादत करता है तो इबादत से मानसिक तनाव कम हो जाता है। अजान के बाद की दुआ पढ़ने या सुनने से मानसिक आराम मिलता है और तनाव कम हो जाता है इसीलिए अजान के बाद की दुआ जरूर पड़नी चाहिए
  4. अज़ान के बाद की दुआ सुनने या पढ़ने से मन में आने वाले बुरे या गंदे ख्यालात खत्म हो जाते है, जब कोई भी इंसान अजान के बाद की दुआ (Azaan k Baad ki Dua) पढ़ता या सुनता है तो कुदरती इंसान का मन खुदा की इबादत के लिए लगना शुरू हो जाता है।
  5. जाने अनजाने में हुए गुनाह को माफ़ खुदा करता है, अगर आपसे कोई भी गुनाह हो गया है तो उस गुनाह को माफ़ करने के लिए आपको अजान के बाद की दुआ जरूर पढ़नी या सुननी चाहिए| काफी सारे मौलवियो का मानना है की रोजाना अजान के बाद की दुआ पढ़ने या सुनने से आपके द्वारा किए गए गुनाहो की माफी मिल जाती है, अजान के बाद की दुआ पढ़ने से खुदा की रहमत इंसान पर बहुत जल्द होती है
  6. प्रत्येक इंसान खुदा से कुछ न कुछ मांगता ही है, यह तो सभी मुसलमान जानते ही है की जब भी कोई इंसान अजान सुनता है या नमाज पड़ता है तो इस समय वो खुदा के सबसे करीब होता है| ऐसे में आएं की दुआ पढ़ने या सुनने से आपकी सभी दुआएं और ख्वाहिशे बहुत जल्द कुबूल हो जाती है|
  7. जिस तरह नमाज पढ़ना प्रत्येक मुसलमान का फर्ज है उसी तरह अजान के बाद की दुआ पढ़ना भी प्रत्येक मुस्लिम भाई या बहन के लिए फर्ज होता है| हालाँकि आज का जमाना काफी बदल गया काफी लोग ऐसे है जो अपने धर्म और फर्ज से दुरी बना रहे है, ऐसे में उनके अम्मी, अब्बा, परिवार वाले और दोस्तों का फर्ज है की वो उन्हें अपने धर्म के बारे में बताएं|
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