Masjid me Dakhil Hone,Bahar Aane ki Dua in Hindi,English

सभी मुस्लिम भाई पांचो वक़्त की नमाज अदा करने मस्जिद जाते है, मस्जिद को खुदा का घर माना जाता है| इसीलिए खुदा के घर मतलब मस्जिद में दाखिल होने से पहले और बाहर निकलने पर दुआ (masjid se bahar nikalne ki dua) पढ़नी चाहिए| हालाँकि यह देखने और पढ़ने में बहुत छोटी सी दुआ है लेकिन इस दुआ को पढ़ने से बहुत ज्यादा सवाब मिलता है इसलिए सभी मुस्लिम भाइयो को मस्जिद में दाखिल होने की दुआ ( masjid me dakhil hone ki dua in hindi ) जरूर पढ़नी चाहिए | कुछ मुस्लिम भाई ऐसे होते है जिन्हे यह दुआ मालुम नहीं होती है, अगर आप भी उनमे से एक है तो हमारा यह लेख आपके लिए फायदेमंद है क्योंकि आज हम अपने इस लेख में मस्जिद में दाखिल होने की दुआ और मस्जिद से बाहर निकलते वक़्त की दुआ के बारे में जानकारी दे रहे है|

इस्लाम धर्म में छोटे छोटे आमाल करने से काफी बड़ी बड़ी नेकियां मिलती है, इसीलिए इस दुआ को जरूर पड़ें इससे आपको बहुत ज्यादा सवाब मिलता है| इस्लाम में पांचो वक़्त की नमाज सभी मुस्लिम भाइयो को अदा करनी चाहिए इसीलिए जब भी आप मस्जिद में दाखिल हो तो मस्जिद में दाखिल होने की दुआ ( masjid me dakhil hone ki dua hindi me ) जरूर पढ़ें ऐसा करने से अल्लाह आपसे बहुत खुश होता है|

इस्लाम में मस्जिद को खुदा के घर के रूप में जाना जाता है, इसीलिए खुदा के घर में जाने से पहले काफी सारी बातो का ख्याल रखना चाहिए| काफी सारे मुस्लिम भाइयो को यह नहीं पता होता है की मस्जिद के अंदर क्या करना चाहिए और मस्जिद के अंदर किन चीजों का ख्याल रखना चाहिए| मस्जिद के अंदर किसी भी इंसान के लिए दिल में नफरत, गुस्सा, बदले की भावना और जलन इत्यादि रखकर नहीं जाना चाहिए| मस्जिद में सिर्फ अल्लाह की इबादत करें, चलिए अब हम आपको मस्जिद में दाखिल होने की दुआ के बारे में बताने से पहले हम आपको मस्जिद में जाने से पहले किन चीजों का खास ख्याल रखना चाहिए इसके बारे में जानकारी दे रहे है

Masjid me Dakhil Hone ki Dua Hindi 

यह तो सभी को पता है की सभी मुस्लिम भाइयो को पांचो वक़्त की नमाज मस्जिद में जाकर पढ़नी चाहिए| मस्जिद में जाने से पहले मस्जिद में दाखिल होने की दुआ भी जरूर पढ़नी चाहिए, मस्जिद में जाने की दुआ तेज आवाज में पड़ने की जरुरत नहीं आप इस दुआ को अपने मन में भी पढ़ सकते है| चलिए अब हम आपको मस्जिद में दाखिल होने की दुआ के बारे में बताते है

मस्जिद के अंदर जाने की दुआ इन हिन्दी – Masjid ke Andar Jaane ki Dua in Hindi

अल्लाहुम्मफ-तहली अबवाबा रहमतिका।

Masjid me Dakhil Hone ki Dua in English 

Allahhummaf-tahli Abwaba Rahmatika

मस्जिद में दाखिल होने पर कया करें और कया ना करें 

मस्जिद में दाखिल होने से पहले सभी मुस्लिम भाइयो को कुछ बातो का खास ख्याल रखना चाहिए, जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे है –

1 – जब भी आप मस्जिद में दाखिल हो तो सबसे पहले अपना दायां पैर अंदर रखें उसके बाद प्रवेश करें, कभी भी बायां पैर पहले नहीं रखना चाहिए|

2 – मस्जिद के अंदर आपको जितने भी लोग दिखाई दें उन्हें सलाम जरूर करें, सलाम करने के बाद अल्लाह की इबादत करनी चाहिए|

3  – मस्जिद खुदा का घर होता है और खुदा के घर में नफरत के लिए जगह नहीं है, इसीलिए अगर आपको मस्जिद के अंदर कोई ऐसा इंसान मिल जाएं जिससे आप नफरत करते है तो मस्जिद के अंदर नफरत भूलकर प्यार से रहे, क्योंकि अल्लाह को नफरत, बदला या जलन पसंद नहीं है|

4 – मस्जिद के अंदर कभी भी किसी भी इंसान से लड़ाई झगड़ा या फिर किसी की बुराई और ना ही किसी के बारे में बुरा भला बोलना चाहिए|

5 – मस्जिद की दीवारों पर कभी भी ना तो थूकना चाहिए और ना ही कुल्ली करनी चाहिए, अगर आप ऐसा करते है तो अल्लाह आपसे खफा हो जाता है|

6 – मस्जिद के अंदर या मस्जिद की छत पर कभी भी गलती से भी लेट्रिन या बाथरूम ना करें, अगर आप ऐसा करते है तो यह खुदा की नजर में गुनाह होता है| मस्जिद के अंदर ज्यादा से ज्यादा साफ सफाई रखनी चाहिए|

7 – मस्जिद को खुदा का घर कहा जाता है इसीलिए मस्जिद का दरवाजा कभी भी बंद नहीं होना चाहिए, खासकर नमाज के समय तो बिल्कुल भी मस्जिद का दरवाजा बंद नहीं होना चाहिए| अगर मस्जिद में कोई माल रखा हो या कोई बहुत जरूरी काम हो तो मस्जिद का दरवाजा बंद कर सकते है लेकिन नमाज के समय मस्जिद का दरवाजा बिलकुल भी बंद ना करें|

8 – मस्जिद को पाक साफ़ जगह माना गया है इसीलिए मस्जिद में नापाकी की हालत में बिलकुल भी नहीं जाना चाहिए| अगर आप नापाक है तो पहले अपने आपको पाक साफ़ करें उसके बाद मस्जिद के अंदर जाएं| नापाकी की हालत में पड़ी गई नमाज कबूल नहीं होती है|

9 – मस्जिद में औरतों और लड़कियों का जाना मना होता है|

10 – मस्जिद में दाखिल होने से पहले जूते या चप्पल मस्जिद के बाहर जरूर उतार दें|

11 – मस्जिद में दाखिल होने पर मस्जिद में दाखिल होने की दुआ जरूर पड़ें, इस दुआ को आप मन में भी पढ़ सकते है|

मस्जिद से बाहर निकलने की दुआ इन हिंदी  – Masjid Se Bahar Nikalne ki Dua

जिस तरह मस्जिद में दाखिल होने की दुआ (masjid me dakhil hone ki dua) होती है उसी तरह मस्जिद से बाहर निकलने की दुआ ( masjid se bahar nikalne ki dua )भी होती है, जो सभी मुस्लिम भाइयो को पढ़नी चाहिए| हालाँकि ऐसा नहीं है की अगर आप मस्जिद से निकलने की दुआ नहीं पढ़ते है तो आप गुनहगार हो जाते है, लेकिन अगर आप मस्जिद से बाहर निकलते समय की दुआ पढ़ते है तो आपको सवाब ज्यादा मिलता है, चलिए अब हम आपको मस्जिद से बाहर निकलने की दुआ के बारे में बताते है

मस्जिद से बाहर निकलते वक्त की दुआ –Masjid Se Bahar Nikalne ki Dua

अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका मिन फज़लिका।

Masjid se Bahar Nikalte Waqt ki Dua in English    

Allahumma Inni As Aluka Min Fazlika.

मस्जिद से बाहर निकलते वक्त ख्याल रखने वाली बातें 

जिस तरह मस्जिद में दाखिल होते समय काफी सारी बातो का ख्याल रखा जाता है उसी तरह मस्जिद से निकलते समय भी कुछ बातो का ख्याल जरूर रखना चाहिए, चलिए जानते है की मस्जिद से बाहर निकलते समय किन चीजों का ख्याल रखना चाहिए

1 – मस्जिद में दाखिल होते समय दाईं पैर पहले रखा जाता है ऐसे ही जब आप मस्जिद से बाहर निकलते समय अपने बाएं पैर को सबसे पहले बाहर निकाले| उसके बाद अपने मन में मस्जिद से बाहर निकलते समय की दुआ को जरूर पढ़े।

2 – मस्जिद से बाहर निकलने की दुआ तेज आवाज में पढ़ने से बचना चाहिए, इस दुआ को मन में या धीमी आवाज में पढ़ना चाहिए।

3 – मस्जिद से निकलते वक़्त की दुआ को पढ़ने के बाद आप चाहे तो रास्ते में दरूद शरीफ या फिर तस्बीह भी पढ़ सकते हैं, ऐसा करने से आपको ज्यादा सवाब मिलता है।

ऊपर हमने आपको मस्जिद में दाखिल होने की दुआ ( masjid mein dakhil hone ki dua ) और मस्जिद से बाहर निकलने की दुआ ( masjid se bahar nikalne ki dua ) के बारे में बताया है| हमारे इस लेख को अधिक से अधिक शेयर करने की कोशिश करें जिससे यह लेख उस मुस्लिम भाई के पास पहुँच सके जिसे मस्जिद में दाखिल होने की दुआ या मस्जिद से बाहर निकलते वक़्त की दुआ के बारे में मालुम ना हो|

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