Fatiha ka Tarika in Hindi PDF

फातिहा का तरीका हिंदी में | Fatiha ka Tarika In Hindi

फातिहा के बारे में सभी मुस्लिम भाई और बहन जानते है लेकिन आज भी कुछ ऐसे मुस्लिम भाई और बहन ऐसे भी है जिन्होंने फातिहा का नाम तो सुना है लेकिन उन्हें फातिहा का तरीका – fatiha ka tarika in hindi  या फातिहा देने का तरीका मालुम नहीं होता है| अगर आप भी ऐसे इंसानो में शामिल है जिन्हे फातिहा के बारे में जानकारी नहीं है तो हमारा यह लेख आपके लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि इस लेख में हम आपको फातिहा करने का तरीका (fatiha karne ka tarika) और फातिहा का तरीका हिंदी में बताने वाले है, इसीलिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें|

यह तो हम सभी अच्छी तरह से जानते है की जिंदगी और मौत का फैसला अल्लाह करता है, किस इंसान को कब मौत आनी है इसके बारे में किसी को मालुम नहीं होता है| जो भी मुस्लिम भाई और बहन इस दुनिया से चला जाता है उसे मरहूम के नाम से बुलाया जाता है| अगर आप किसी मरहूम को सवाब पहुँचाना चाहते है तो आपको कुछ सूरह और दुआ पढ़नी होती है, इसी को फातिहा कहा जाता है| फातिहा के द्वारा आप अपने मरहूम को सवाब पहुँचा सकते है, अगर आपको fatiha ka tarika in Hindi मालुम नहीं है तो नीचे बताए जा रहे स्टेप्स को फॉलो करें

फातिहा का तरीका | fatiha ka tarika hindi mein

इस्लाम धर्म में फातिहा कोई भी मुस्लिम भाई या बहन दे सकता है, काफी सारे मुस्लिम भाई और बहन को फातिहा देने का तरीका मालुम नहीं होता है ऐसे में वो इंटरनेट पर फातिहा देने का सही तरीका (fatiha dene ka tarika) या फातिहा करने का तरीका ढूंढ़ते है| अगर आप फातिहा देना चाहते है तो सबसे पहले आप वुजू कर लें, वुजू करने के बाद आप किबला की तरफ रुख करके बैठ जाएं, उसके बाद आपको जिस चीज पर फातिहा देना चाहते है उस चीज को अपने सामने रख लें। हर वो चीज या माल जो हलाल होता है उस पर फातिहा दी जाती है जैसे फल, मिठाई और खाना इत्यादि| जिस चीज पर आप फातिहा करना चाहते है अगर वो ढकी हुई है तो उसे खोल कर रख लें और अंत में अगरबत्ती जला लें हालाँकि अगरबत्ती जलाना या ना जलाना आपके ऊपर है क्योंकि खुदा आपके दिल को देखता है| फातिहा करने के लिए सबसे पहले वजू करे फिर उसके बाद कुरान की कुछ सूरते पढे, जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे है उन सुरतो को पड़ने के बाद फातिहा हो जाती है

1 – एक मर्तबा सूरह काफिरूँन पढ़ें

2 – तीन मर्तबा सूरह इखलास पढ़ें

3 – एक मर्तबा सूरह फलक पढ़ें

4 – एक मर्तबा सूरह नास पढ़ें

5 – एक मर्तबा सूरह फातिहा पढ़ें

6 – एक मर्तबा सूरह बक़रह पढ़ें

7 – एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें

अगर आपको कुरान की इन सूरतो के बारे में जानकारी नहीं है तो परेशान ना हो अब हम आपको इन सभी सूरतो के बारे में जानकारी दे रहे है

सूरह काफिरूँन हिंदी में | surah kafiroon in hindi :

फातिहा करने के लिए सबसे पहले आपको एक मर्तबा सूरह काफिरून पढ़नी है, अगर आपको सूरह काफिरून के बारे मालुम नहीं है तो हम नीचे आपको सूरह काफिरून के बारे में बता रहे है

कुल या अय्युहल काफिरून ला आबुदु मा ताबुदून वला अंतुम आबिदूना मा आबुद

वला अना आबिदुम मां अबत्तुम वला अंतुम आबीदूना मा आबुद लकुम दीनुकुम वली यदीन

सूरह इखलास हिंदी में | surah ikhlas in hindi 

एक बार सूरह काफिरून पढ़ने के बाद तीन मर्तबा सूरह इखलास पढ़ें, हालाँकि सूरह इखलास के बारे में सभी को मालुम होता है लेकिन अगर आपको सूरह इखलास बाद नहीं है या आपको पता नहीं है तो नीचे हम सूरह इखलास बता रहे है आप इसे तीन मर्तबा पढ़ लें

कुल हु वल्लाहु अहद अल्लाहुस समद लम यलिद वलम यूलद व लम यकुल्लहू कुफुवन अहद

सूरह फलक हिंदी में | surah falaq in hindi 

तीन बार सूरह इखलास पढ़ने के बाद आपको एक बार सूरह फलक को पढ़ना है, नीचे दी जा रही सूरह फलक को एक मर्तबा पढ़ लें

कुल आउजु बिरब्बिल फलक में शर्रि मा खलक वमिन शर्रि गासिकिन इजा वकब

वमिन शर्रिन नफ्फासाती फिल उकद वमिन शर्रि हासिदिन इजा हसद

सूरह नास हिंदी में | surah naas in hindi 

सूरह फलक एक मर्तबा पढ़ने के बाद आपको एक मर्तबा सूरह नास पढ़नी है, अगर आपको सूरह नास के बारे में जानकारी नहीं है तो परेशान ना हो नीचे हम आपको सूरह नास के बारे में बता रहे है, नीचे दी जा रही सूरह नास को एक बार पढ़ लें

कुल आउजु बिरबबिन नास मलिकि नास इलाहीन नास मिन शररिल वसवासिल खन्नास

अललज़ी युवस विसू फी सुदूरिन नास मिनल जिन्नति वन्नास

सूरह फातिहा हिंदी में | Surah fatiha in hindi 

एक बार सूरह नास पढ़ने के बाद आप एक बार सूरह फातिहा पढ़ लें, नीचे दी जा रही सूरह फातिहा को पढ़ लें

अलहमदु लिल्लाही रबबिल आलमीन अर्राहमानिर रहीम मालिकि यउमिददीन

इययाका नाबुदु व इययाका नस्तईन इहदिनस सिरातल मुस्तकीम

सिरातल लज़ीना अन अमता अलैहिम गैरिल मगजूबि अलैहिम वलज़ ज्वाललीन

सूरह बकरह हिंदी में | surah baqarah in hindi:

एक मर्तबा सूरह बकरह पढ़ें, सूरह बक़रह के बारे में अगर आपको जानकारी नहीं है तो आप हमारे दूसरे लेख में पढ़ सकते है| एक मर्तबा सूरह फातिहा पढ़ने के बाद आपको एक बार सूरह बकरह पढ़ लें, अगर आपको सूरह बकरह मालुम नहीं है तो नीचे हम आपको सूरह बकरह बता रहे है

अलिफ़ लाम मीम जालिकल किताबु ला रैबा फीही हुदल लील मुत्तकीन

अल लजीना यूमीनूना बिल गैबि व युकीमुनस सलाता वा मिम्मा रजक नाहूम

यूनफीकुना वल लज़ीना यूमीनूना बिमा उनजिला इलैका वमा उनजिला मिन कबलिका

व बिल आखिरती हुम यूकिनून उलाइका अला हुदम मिर रबबिहिम व उलाइका हुमूल मुफलिहून

व इलाहुकुम इलाहौ वाहिद ला इलाहा इल्ला हुवर रहमानुर रहीम

इन्ना रहमतल लाही करीबुम मिनल मुहसिनीन वमा अर्सलनाका इल्ला रहमतल लील आलमीन

मा काना मुहममदुन अबा अहादिम मिर रिजालिकुम वलाकिर रसूलल-लाही

व खातमन नबी यीना वा कानल-लाहु बिकुलली शइन अलीमा

इननल लाहा वा मलाइका तहू युसल-लूना अलन नबीयी या अययुहल लज़ीना

आमनु सल्लू अलैहि वसल-लीमु तसलीमा

दुरुद शरीफ – Darood shareef

ऊपर दी गई सभी आयते पढ़ने के बाद आप एक बार दरूद शरीफ भी पढ़े,

अल अहुम्मा सल्लि अला मुहम्मादिव व अला आलि मुहम्मद

कमा सल लैता अला इब्राहीम व अला आलि इब्राहीम इन्नका हमीदुम मजीद

अल अहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मद

कमा बारकता अला इब्राहीम व अला आलि इब्राहीम इन्नका हमीदुम मजीद

सुब्हाना रब्बिका रब्बिल इज्जति अम्मा यसिफुन व सलामुन अलल मुरसलीन वल हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन

Esal e sawab ka tarika (बख्शने का तरीका)

ऊपर बताई गई सभी सूरह पढ़ने के बाद अल्लाह रबबुल इज्जत की बारगाह मे दुआ करनी है, इसके लिए सबसे पहले अपने दोनों हाथ उठाकर आसमान की तरफ कर लें, ख्याल रखें की आपके दोनों हाथ कंधों से ऊपर न होने पाए| फिर आपको अल्लाह से कुछ इस तरह दुआ पढ़नी है – अल्लाह ये जो कुछ मैंने तिलावत करी है और जो कुछ शीरीनी वगैरह किया है यह सब तेरी ही रज़ा के वास्ते किया है इसको अपनी ही रज़ा के लिए कुबूल फरमा और इसका सवाब हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्ल की बारगाह मे पहुँचा दें| आपके वसीले से इसका सवाब तमाम अंबिया मुरसलीन ,  असहाब ऐ इकराम ,  अहले बैत इकराम ,  तमाम औलिया उम्मत ऐ रिजवानुल्लाह अलैहि अजमैन और खास कर इसका सवाब उस शख्स (शख्स की जगह पर आप अपने अब्बा, अम्मी, बहन, दोस्त और रिश्तेदार इत्यादि का नाम ले सकते है) और तमाम मुसलमान मर्द और तमाम मुसलमान औरतों को पहुंचा दें| दुआ पढ़ने के बाद अपने दोनों हाथो को अपने मुंह पर फेर ले, बस यही फातिहा का तरीका होता है|

क्या औरतों के लिए fatiha ka tarika अलग है ?

इस्लाम धर्म में मर्दो के मुकाबले औरतो पर कुछ बंदिशे है, जैसे औरत मस्जिद या कब्रिस्तान मे नहीं जा सकती है| ऐसे में काफी सारे मुस्लिम भाई और बहनो के मन में यह सवाल होता है की औरतो के लिए फातिहा का तरीका अलग होता है कया? तो हम आपको बता दें फातिहा का तरीका औरत और मर्द के लिए अलग नहीं है, बस इतना फर्क है की मुस्लिम मर्द मस्जिद या कब्रिस्तान में जाकर फातिहा कर सकते है औरते नहीं| ऐसे में औरतो को परेशान होने की जरुरत नहीं है, मुस्लिम औरत घर से या फिर कही बाहर हो तो भी फातिहा पढ़कर अपने मरहूम को सवाब पहुँचा सकती है| ऊपर हमने आपको जो फातिहा का तरीका बताया है उसे पढ़ने से आप जिसे सवाब पहुँचाना चाहती है, इनशाल्लाह उसको सवाब मिल जाएगा |

क्या औरत फ़ातिहा नही पढ़ सकती? Kya Aurat Fateha Padh Sakti Hai?

काफी सारे मुस्लिम भाई और बहन के मन में यह सवाल भी होता है की औरत फातिहा पढ़ सकती है या नहीं तो हम आपको बता दें की जिस तरह फातिहा पढ़ना मर्दो के लिए जाइज़ होता है उतना ही औरतों के लिए भी जाइज़ होता है। लेकिन कुछ मुस्लिम औरतें बिना वजह परेशान होती रहती है और फातिहा का तरीका जानने के लिए अपने बच्चों को इधर उधर दौड़ाती रहती है, जबकि वो खुद फातिहा पढ़ भी सकती हैं और बच्चो को भी सीखा सकती है। अधिकतर मुस्लिम औरतो को कम अज़ कम अल्हम्दो शरीफ़ और कुल हुवल्लाह शरीफ़ याद होती हैं, अगर आपको और कुछ बाद नहीं है तो इसे पढ़ने के बाद अल्लाह तआला से दुआ करें कि या अल्लाह मैंने जो पढ़ा उसका सवाब और अगर आप कुछ खाना या शीरीनी खिलाने या बाँटने वाले है उसका सवाब जिस इंसांन को पहुँचाना चाहते है उसका नाम लेकर बोल दें, बस हो गई आपकी फातिहा अल्लाह उस इंसान को सवाब दे देता है| अल्लाह आपके दिल को देखता है अगर आप सच्चे दिल से किसी के लिए सवाब पहुँचाना चाहते है तो अल्लाह उसका सवाब उस इंसान को दे देता है| कुछ मुस्लिम औरतें किसी बुजुर्ग की फातिहा दिलाने के लिए खाने या खाने की चीजों को कोने में थोड़ी देर के लिए रख देती है और जूथ बोल देती है की उन्होंने अपनी फातिहा खुद ही पढ़ ली है हालाँकि यह बिल्कुल गलत है| इससे अच्छा यह है की आपको कुरान की जो भी सूरह या आयत याद हो उसे पढ़ लें और उसके बाद ईसाले सवाब कर लें, यह बाक़ाइदे फातिहा होता है।

फातिहा का तरीका पीडीएफ | fatiha ka tarika In Hindi PDF

अगर आप फातिहा पढ़ने का तरीका की पीडीएफ फाइल ढूंढ रहे है तो हम आपको पीडीएफ का लिंक उपलब्ध करा रहे है वहां से जाकर आप पीडीएफ डाउनलोड कर सकते है| आज का जमाना स्मार्टफोन का है ऐसे में पीडीएफ डाउनलोड करने का सबसे बड़ा फायदा यह है की आप कहीं पर भी इसे खोल कर पढ़ सकते है|

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