किन चीजों पर सजदा करना जाएज़ है और सजदा करना कब मना है?

आज हम ज़िक्र करेंगे कि किन चीजों पर सजदा करना जाएज़ है ? (Kin Chizo Par Sajda Sahi Hai?)

1. सबसे पहली बात यह है कि हमें इस चीज का ख्याल रखना होगा कि हम जिस चीज पे सजदा कर रहे हैं —

वो पाक और ताहिर हो और वो जगह जहां पे सजदा कर रहे है वो ग़ज़बी ना हो

  •  सजदा करने के लिए सबसे अफजल जगह जमीन करार की गई है. यानि जमीन वो पाक जगह है जहां से हमें तैम्मुम भी करना है और सजदा भी करना है ।

सहीह अल-बुखारी और सहीह अल मुस्लिम में मौजुद है कि ज़मीन पर ही सजदा करना सही है , क्योंकि ज़मीन सारी चीज़ो
से अफ़ज़ल है.उसके बाद बात आती है खाके शिफा की जिसका दर्जा इमाम हुसैन की शहादत के बाद से बलन्द हो गया है. वाक़ए कर्बला के बाद सजदगाह पे सजदह करना और भी बेहतर करार कर दिया गया है.

लेकिन अगर आपके पास खाके शिफा नहीं है तो आप किसी भी जमीन पर मसलन टाइल्स, ईट, बालू, कुदरती पत्थर, रेत, खुरमे का बीज, बादाम और पिसते का छिलका,अकीक, फिरोज़ा याकूत, पक्का फर्श, संगे मर मर, लकड़ी पे, पेड़ के पत्ते पे लेकिन वो पत्ता जिसे खाया ना जाता हो, सीमेंट पे, या मिट्टी के बर्तन पे लेकिन वो पाक हो उसपे सजदा कर सकते है. यानि ख़ाक या खाके कर्बला पे सजदा करने के लिए हुक्म है की ये सारी ज़मीन से अफ़ज़ल है । लेहाज़ा खाके कर्बला पे सजदह करे या उसके बाद बाकी ज़मीन पे।

रवायत में मिलता है की रसूल अल्लाह कभी भी क़ालीन या कपडे पी सजदा नहीं करते थे. उनके पास मिटटी की एक टिकिया पाई जाती थी. यानि सुन्नते रसूल यह है की मिटटी पे सजदह करे नाकि कालीन या चटाई पे.

लेहज़ा हमें भी इन बातों का ख्याल रखना चाहिए कि अगर जो चिज़े पहले बताइ गई है अगर वो मुमकिन नहीं है तो उन चीज़ो पर सजदह कर सकते है जिनपे सजदह करना जाएज़ तो है लेकिन मज़बूरी में ताकि आपकी नमाज़ भी न छूटे और नमाज़ बातिल भी न हो.

वो चीज़े यह है —-

  1. . ज़मीन पे उगने वाली चीज़ पे सजदा करे वो चीज़े जिसे खाया, पिया, या ओढ़ा न जाता हो.
  2.  टिशू पेपर या कागज़ पे सजदा उस वक्त तक सही है कि आपको यकीन हो कि ये भुसे से या लकड़ी से बना हो तभी सजदा जाएज़ होगा

लेकिन कुछ ऐसी चीज़ है जिसे सजदा करना जायज़ नहीं आया देखे कि वो चीज़ क्या है.

  1.  वो चिज़ जो खाई या पहनी जाति हो जैसे क़ालिन या कपडा वगैरा उसपे सजदा जाएज़ नहीं है.
  2.  वो चीज जो जमीन मे शुमार नहीं की जाती जैसे प्लास्टिक, लोहा, सोना चांदी।
  3.  दरखत की उन चिजो पे सजदा नहीं है जैसे — रुई दरखत का हिस्सा तो है लेकिन इसे पहना जाता है लेहजा इसे सजदह करने में इस्तेमल न किया जाए। इसी तरह से जूट क्योकि इसका लिबास पेहना जाता है इसकी जानेमाज़ सही है लेकिन इसपे सजदा नहीं किया जा सकता है.

FAQs

सवाल १. क्या पुरानी सजदागह जो काली हो जाती है उसपे सजदा करना सही है?

जवाब १. सबसे पहले हमें यह देखना होगा की अगर सजगाह का सिर्फ रंग काला हुआ तो उसपे हम सजदह कर सकते हैं लेकिन अगर सजदहगाह पे मैल या गंदगी लगी है तो पहले उसे साफ करें।

आईये देखे कि सजदगाह को कैसे साफ़ किया जाता है.

  1. सबसे पहले उसे किसी गरम चीज पर रख दे फिर उसे रगड़ दे लेकिन ख्याल रखिये कि बाज़ लोग चाकू से रगड़ते हैं तो चाकू का इस्तेमाल ना करे, फिर उसे किसी पत्थर या रेगमार्ग से रगड़े ताकि उसका काला पन खत्म हो जाए.
  2. दूसरा तरीक़ा यह है की उसे भीगा के दूसरी सजदागह बना ले।

सवाल २ . टूटी हुई सजदागह का क्या करे?

जवाब २. टूटी हुई सजदहगाह को आप किसी मस्जिद में रख दे या सेहरा दे या फिर उसे भिगोके नई सज्दागाह बना ले.

सवाल ३. सजदागह पे अगर कुछ लिखावत है तो क्या हम उसपे सजदा कर सकते हैं?

जवाब ३. अगर किसी सज्दागाह पे कुछ लिखा है तो कोशिश कीजिये की बिना लिखे हुए साइड ही सजदह करे तो ज़यादा बेहत्तर होगा और अगर आप लिखावट की तरफ सज्दाह करते है तो भी सही है कोई मनाई नहीं है.

सवाल 4. सजदागाह कैसे बनाए ?

जवाब 4. सजदागह बनाने के लिए कुछ चीजें चाहिए जो आपको आसानी से मिल जाएगी जैसे–

मिट्टी, साफ पानी, मुल्तानी मिट्टी, अर्क गुलाब, तेल, गोल ढांचा, रेगमार्ग, टीन का पत्ता, पाक पानी

अगर आपके पास टूटी हुई सजदागह या टूटी हुई तस्बीह है तो आप उसे भीगा के अच्छे से गूंध ले, उसमे अर्क गुलाब या मुल्तानी मिट्टी मिला दे जिससे सजदागह में खुशबू और सफेदी आ जाती है, फिर इसको गूँध के इसकी लोई बना ले, सांचे में थोड़ा सा तेल लगा के इसमें मिट्टी की लोई डाल दे फिर धीरे से निकाल ले.

इस का ख्याल रखिए कि सजदागह को धुप में न रखिएगा वरना ये चिटक जाएगी कुछ दिन के लिए हवा में रख दे ताकि यह अच्छे से सूख जाए. कुछ दिन के बाद इसको रेगमार्ग से बराबर कर लिजिये और फिर इस्तेमाल करिये.

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