हदीसे किसा हिंदी में – Hadees-E-Kisa in Hindi with Translation

हदीसे किसे कि अपनी एक फ़ज़ीलत और करामात है. इससे मुनसलिक वाक़ए भी मौजूद है. एक वाक़ई मिलता है जिससे यह पता चलता है की यह हदीसे क़िसा सिर्फ मुसलमानो के लिए नहीं है के बल्कि अगर कोई गैर मुसलमान भी इसकी तलावत करे तो भी इसका सवाब उसे मिलेगा। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको Hadees E Kisa in Hindi बताएँगे एंड उसका हिंदी में तर्जुमा भी बता रहे हैं |

एक ईसाई का वाक़ेया मिलता है की वो अपने मुल्क में रहता था. वह वो बहुत बीमार हुआ और उसका वज़न बहुत तेज़ी से अचानक से कम होने लगा. मगर इसने डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कहा की तुम शुगर के मरीज़ हो गए हो। एक दिन यह अपने दोस्त के पास गया जो की एहलेबैत का चाहने वाला था। वो इसे मजलिस में लेके गया. यह लोग मजलिस में पहुंच गए जहा हदीसे किसे की तिलावत हो रही थी. वो ईसाई पूछने लगा की जो अभी पढ़ा गया है वो क्या था दोस्तों ने उसके बारे में उसे बताया और हदीसे किसा के वाक़ए को समझाया. अब इस ईसाई को जूनून आ गया इसने हदीसे किसा सुन्ना शुरू की. कुछ रोज़ बाद जब यह डॉक्टर के पास गया. डॉक्टर ने कहा की तुम्हारा एक ब्लड टेस्ट करवाना पड़ेगा. जब टेस्ट का रिपोर्ट आया तो डॉक्टर बहुत हैरान हुआ और रिपोर्ट पे शक करने लगा, ईसाई ने डॉक्टर से दरयाफ़त किया तो डॉक्टर ने कहा की मैं यह सर्च करवा रहा हु की जो तुम्हारी रिपोर्ट आई है वो कही लैब से बदल तो नहीं गई है. ईसाई परेशांन हो गया डॉक्टर से पूछने लगा की आखिर रिपोर्ट में आया क्या ह?

तब डॉक्टर ने बताया की तुम्हारी शुगर नेगेटिव आई है. यानि वो इंसान जो हमारे मज़हब से ताल्लुक भी नहीं रखता था, वो जो हदीसे किसे सिर्फ सुनके अपनी तबियत को सही कर लिया। यानि सिर्फ सुनने से ही उसकी तबियत में बदलाव आ गया. तो यह है तासीर हदीसे किसे की यानि अगर कोई शकस हदीसे किसे को सिर्फ सुन हि रहा ह तो यह न सोचे की उसका वक़्त जाया हो रहा है बल्कि उसके नूर में इज़ाफ़ा हो रहा है.

Hadees E Kisa in Hindi

बिसमिल्ला हिर रहमानिर रहीम
अन फ़ा’तिमा’तज़ ज़हरा ( अलय्हस-सलाम ) बिनती रसूलिल-लाही सल-लाल-लाहो अलैहे वसल्लम क़ालत : दख़’अला अलैय-या अबी रसूलुल-लाही ( स’ ) फ़ी बा’-ज़िल अय-यामी फ़’क़ाला : अस-सलामु अलैय-की या फ़ा’तिमा फ़क़ुल-तू :अलैय-कस-सलाम क़ाला : इन-नि अजिदु फ़ी बद’अनी ज़ू’अ’फ़न’ फ़क़ुल-तू लहू : उई’इज़’उका बिल-लाही या अ’बता’हु म’अनज़’-ज़ुआ’फ़ि फ़’क़ाला : या फ़ा’ति-मतु ईत-तीनी बिल-कसा-इल-यमा’नी फ़ग’हत-तीनी बिही फ़ अतए-तू’हु बिल-किसा’-इल-यमा’नी फ़ग’हत-तय-तुहू बिही व सूरतु अन’ज़ुरू इल्य-ही व इज़’आ वजह-हू यातल-लौ का’अन्नाहुल बदरू फ़ी लै’लती तमा’मीही व कमालिह फ़मा कानत इल्ला सा’अतौ-व इज़ा बी वालादियल ह’सनी (अलय्हिस-सलाम) क़द अक़’बला व क़ाला: अस-सलामु अलयकी या उम्माहो फ़क़ुलतू : व अलय’कस-सलामु या क़ुर’रता अय-नी व समरता फ़ूआदी फ़क़ाला : या उम्माहू इन्नी अशुम-मु इन्दाकी रा’इहातिन तय’यिबतिन का’अन्नहा रा’इहतु जददी रसूलिल्लाह फ़’क़ुल्तु : ना’अम इन्ना जद’दका तहतल किसा फ़’अक़बलल हुसैनु नहवल किसा’ई व क़ाला : अस’सलामु अलैका या जद-दाहू या रसूलल्लाही अत-ज़नु ली अन अदख़ुला मा’का तहतल -किसा क़ाला : व अलैकस सलामु या वलादी व या साहिबा हौज़ी क़द अज़िन्तु लका फ़’दख़ला माहू तहतल किसा! फ़मा कानत इल्ला सा’अतों व ईज़ा बी’ वलादियल हुसैनी क़द अक़’बला व क़ाला : अस-सलामु अलैकी या उम्माह फ़क़ुल-तू : व अलैकस सलामु या वलादी व या क़ुर’रता ऐनी व सम’रता फ़ू’आद फ़’क़ाला ली : या उम्माहो इन्नी अ-शुम्मु इन्दाकी रा’इहातिन तय-यिबतन का’अन्नाहा रा’इहातु जददी रसूलिल्लाह फ़क़ुल-तू : ना’अम इन्ना जद-दका व अखाका तहतल किसा फदनल-हुसैनु नहवल किसा’ई व क़ाला : अस-सलामु अलैका या जद’दाहुस सलामु अलैका या मनीख़-ता’रहुल-लहू अत-ज़नू’ली अन अद-ख़ुला मा’कुमा तहतल किसा फ़’क़ाला : व अलैकस सलामु या वलादी व या शाफ़िया’ उम्मती क़द अज़िन्तु लका फ़’दखला मा’हुमा तहतल किसा फ़’अक़बला इन्दा ज़ालिका अबुल-ह’सनी अली इब्ने अबी तालिब व क़ाला : अस-सलामु अलैकी या बीनता रसूलिल्लाह फ़क़ुलतू व अलैकस-सलामु या अबल-हसन व या अमीरल मुमिनीन फ़’क़ाला या फ़ाति’मातु इन्नी अशुममु इन्दकी रा-इहतन तय-यिबतन का’अन्नहा रा’इहातु अखी वबनिया’म-मी रसूलिल्लाह फ़क़ुल-तू ना’अम हा हुवा मा’ वालादयका तहतल किसा फ़’अक्बला अली-युन नहवल किसाइ व क़ाला : अस्सलामु अलैका या रसूलल्लाही अत-ज़ानु ली अन अकूना मा’अकुं तहतल किसा क़ाला लहू : व अलैकस सलामु या अखी व या वसी’यी व ख़ली-फती व साहिबा लिवा-ई क़द अ’ज़िन्तु लक फ़’दख़’अला अली-युन तहतल किसा सुम्मा आ’तय तू नहवल किसाइ व क़ुल्तु : अस-सलामु अलैका या अबाताह या रसूलल्लाही अता-ज़ानूली अन अकूना माकुम तहतल किसा क़ाला : व अलैकिस सलामु या बिनती या बज़’अती क़द अज़िन्तु लकी फ़’दख़ल’तू तहतल किसा फल-लमक-तमल-ना जमीअन तहतल किसा-इ अख्ज़’अ अबी रसूलुल्लाहि बी’तरा’फाईल किसा-इ व औ-मा बियादिहिल-युम-ना इलस-समा-इ व क़ाला : अल्लाहुम्मा इन्ना हा-उला-इ अहलुल’बैते व ख़ा’अस’सती व हा’अम’मती लह’मुहम लहमी व दम’उहुम दमी युलिमुनी मा यु-लिमुहुम व यह’ज़ुनुनी मा यह’ज़ुनुहुम अना हरबुल-लीमन हराबहुम व सिल्मुल लीमन सालाम्हुम व अदू’वुल लीमन आदाहुम व मुहिब-बुल-लीमन अह’अब’बहुम इन-नहुम-मिन-नी व अना मिन्हुम फ़ज-अल सलावातिका व बरकातिका व रहमतिका व गुफ़रानिका व रिज़वानिका अलय’या व अ’ले-हिम व अज़्हिब अन- हुमुर-रिज-सा व तह’हिरुहुम तत’हीरा फ़ाक़ा’लल-लाहू अज़’-ज़ा व जल-ला :या मला-इ’कती व या सुक’काना समावाती इन-नी मा ख़लक़तू समाअम मबनी यातव व ला अर्ज़म मद’ही यातव व ला क़मरम मुनीरव व ला शम्सम मुज़ी अतव व ला फ़लाके यदु’रु व ला बहरे यजरी इल्ला फ़ी महाब्बती हा उलाइल ख़मसतील लज़ीना हुम तहतल किसा फ़क़ालाल अमीनु जिब’राइलू : या रब्बी व मन तहतल कि सा फ़क़ाला अज़-ज़ा व जल्ला : हुम अहलेबैती’न-नुबूवती व मा’दिनुर रिसालाती हुम फ़तिमतु व अबूहा व बा’लूहा व बनूहा फ़’क़ाला जिबरा’इलू : या रब्बी अता-ज़ानू ली अन अह्बिता इलल अर्ज़ी ली अकूना माहुम सादिसा फ़’क़ाला लहू : ना’अम क़द अज़िन्तु लक फ़’हबतल’अमीनु जिब’राइलू व क़ाला : अस’सलामु अलैका या रसूलाल्लाहिल-अली-युल-आला युक़-री’उकस सलामु व य’ख़स’ सुका बिल- तहियेती वल इकराम व याक़ूलुका : व इज़्ज़ती व जलाली इन्नी मा ख़लक़तू समाअम मबनी यत्व व ला अर्ज़म मदही यत्व व ला क़मरम मुनीरण व ला शम्सम मुज़ी’अतव व ला बहरे यजरी वला फुल्कई यसरी इल्ला ली’अज्लिकुम व महब’बतिकुम व क़द अज़ीना ली अन अद’ख़ुला माकुम फ़हल ता’ज़ानु ली या रसूलल्लाही फ़’क़ाला रसूलुल्लाहि : व अलैकस सलामु या अमीना वह’ईल-लाही ना’अम क़द अज़िन्तु लक फ़’दख़ला जिबरा’इलू माना तहतल किसा’ई फ़’क़ाला ली अबी : इन्नल’लाहा क़द औ’हा इलैय्कुम य’क़ूलू :इन्नमा युरीदुल’लाहू ली’यूज़’हिबा अन्कुमुर’रिज्सा अहलाल्बैती व यु’तह’हिराकुम तत’हीरा फ़’क़ाला अली’युल ली’अबी : या रसूलल्लाही अख़’बीरनी मा ली’जुलूसिना हाज़ा तहतल किसा’इ मिनल फ़ज़ली इंदल लाह फ़’क़ालन नबीयु सल्लल्लाहो अलैहि व आलिहि : वल लज़ी बा’असनी बी’हक़’क़ी नाबीयौ वस”तफानी बीर’रिसा’लती नजीया मा ज़ुकिरा ख़बा’रुना हाज़ा फ़ी मह्फ़लिम मीम महाफ़िली अहलिल अर्ज़ी व फ़ीही जम’उम मिन शी’अतिना व मुहिब्बी’ना इल्ला व न’ज़लत अली’हुमुर रह’माह व हफ़’फ़त बिहिमु ला-मला’इकह वसत्ग’फ़ेरत लहुम इला यता’फ़र’रक़ू फ़’क़ाला अली’युन अलैहिस सलामु : इज़ौ वल’लाही फुज़्ना व फाज़ा शी’अतुना व रब्बिल काबा फ़’क़ाला अबी रसूलुल्लाहि सल्लाल’लाहो अलैही व आलिहि : या अली’यु वल’लज़ी बा”सानी बिल’हक़’क़ी नबी’यौ वस”ताफ़ानी बीर’रिसालती नजी’य़ा मा ज़ुकिरा ख़बा’रुना हाज़ा फ़ी माह’फ़लिम मीम’महाफ़िली अहलिल अर्ज़ी व फ़ीही जम’उम मिन शी’अतिना व मुहिब’बीना व फ़ीहीम मह’मूमुन इल्ला व फ़र’रजल लाहो हम’महू वला ग़’मूमुन इल्ला व कशा’फल लाहो ग़म’माहू व ला तालिबू हा’जतिन इल्ला व क़ज़’अल लाहो हा’जताह फ़’क़ाला अली’युन अलैहिस सलामु इज़ौ वल-लाही फ़ुज़’ना व सुई’दना व क़ज़ा”लिका शी’अतुना फ़ाज़ू व सुई’दू फ़ीद’दुन्या वल आख़ीरति व रब्बिल का’बा
अल्लाह हुम्मा सल्ले अला मुहम्मा व आले मुहम्मद .

Hadees-E-Kisa Translation

हदीसे किसे इस तरह से शुरू होती है.

फरमाती है यह बिन्ते रसूले फलक वेकार
यानि जानबे फातिमा खातूने रोज़गार
एक रोज़ आए घर मेरे महबूबे ज़ुल जलाल
फ़रमाया मेरा ज़ोफ़ से है कुछ बदन निढाल
की मैंने उनसे अर्ज़ की के ऐ मेरे बाबा जान
हज़रत के जूफ से रहे ख़ालिक़ निगाहबान
फ़रमाया फिर यह सरवरे गर्दू मुकाम ने
ख़त्मुल रसूल जनाबे रिसालत मआब ने
ऐ फातिमा रिदाए यमानी उठा तो लाओ
सर ता कदम मुझे उसे अच्छी तरह उठाओ
फरमाती है यह फ़तिमाए अस्मा मुकाम
नाज़िल हमेशा उनपे हो अल्लाह का सलाम
चादर वो लेके खिदमते अक़दस में आ गई
और हस्बे हुकम उनको वो चादर उढ़ा भी दी
चादर उढ़ा के उनकी तरफ देखने लगी
नगाह वो देखि रूहे मुनव्वर में रौशनी
धोका निगाह कोह यह आलम था नूर का
है चौदहवी का चाँद की चेहरा हुज़ूर का
(सलवात )
फिर यु जनाबे फातिमा फरमाती है बया
थोड़ी हि देर गुज़री थी इसको की न गहा
मेरी पिसार हसन मेरे नज़दीक आन कर
बोला मेरा सलाम हो ऐ अम्मा आप पर
मैंने दिया जवाब की ऐ मेरे बाबा जान
ऐ नूरे चश्म, मेवए-दिल तुमपे हो सलाम
फिर मुझसे यु वो कहने लगा पराए जिगर
खुशबु नफीस पाती हु मैं इस मुकंम पर
अम्बर की यह महक है न मुश्को गुलाब की
खुशबु हो जैसे नाना रिसालत मआब की
मैंने दिया जवाब की है तुमने सच कहा
आराम में है ज़ेरे रिदा सैय्यदुल वेरा
चादर के पास जाके हसन ने किया कलाम
नाना मेरे रसूले खुदा आप पर सलाम
इस डम अगर हुज़ूर इजाज़त हो आपकी
चादर के निचे आओ मोआईयत हो आपकी
फ़रमाया मुस्तफा ने इजाज़त है जानेमन
दाखिल तहे रिदा हुए यह सुनते ही हसन
फरमाती है यह दुख्तारे सुल्ताने मशरकेन
इतने में आ गया मेरा छोटा पिसर हुसैन
आकर कहा की अम्मा मेरा आप पर सलाम
मैं बोली तुझपे ऐ मेरे लख्ते जिगर सलाम
बाद इसके फिर हुसैन ने इस तरहा से कहा
अम्मा मुझे वो आती है खुशबू ज़ा फ़िज़ा
नसरी की बू है और न यह निस्तारन की बू
यह तो है जैसे नाना रसूले ज़मन की बू
मैंने कहा यह उससे की एमेरे गुलबदन
हा ! सामने वो देखो तहे चादरे यमन
प्यारे के नाना जान रसूले ज़मान भी है
और उनके साथ भाई तुम्हारे हसन भी है
यह सुनते ही हुसैन बढे जानिबे रिदा
की अरज़ अस्सलाम अलैक ऐ शाहे हुदा
फिर हो सलाम आप पे ऐ शाहे अम्बिया
ऐ वो की मुंतखिब जिसे अल्लाह ने किया
क्या मुझको ईज़न है कदम आगे बढ़ाऊ मैं
नज़दीक आप लोगो के चादर में आओ मैं
फ़रमाया मुसतफ़ा ने की है ईज़न है मेरा
यह सुनते ही हुसैन हुए दाखिले रिदा
फरमाती है यह दुख्तारे पैग़म्बरे ज़मन
तशरीफ़ लाए घर में एक एक अबुल हसन
बोले सलाम तुमपे हो ऐ दुख्तारे रसूल
मैंने कहा सलाम मेरा कीजिये क़ुबूल
नफ़्से रसूले हैदरे कर्रार अस्सालम
ऐ मोमिनो के हाकिमे सरदार अस्सलाम
मुझसे कहा अली ने की ऐ बिन्ते मुस्तफा
आती है ऐसी निक हते पाकीज़ा दिल रुबा
खुशबू निसार इस्पे हो हर एक फूल की
यह है शमीम जिस्म जानाबे रसूल की
की मैंने अर्ज़ हज़रते खैरुल बशर भी है
चादर के नीचे आपके दोनों पेसर भी है
बस जानिबे किसाए यमानी गए अली
और बोले अस्सलाम अलैक अय्युहन नबी
ए वो की जिसको चुन लिया परवरदीगार ने
क्या आउ इस रिदा के तले इज़्न है मुझे?
फ़रमाया मुस्तफा ने इजाज़त तुम्हे भी दी
यह सुनते ही शरीके रिदा हो गए अली
फरमाती है यह हज़रते सिद्दीक़ा फातिमा
इन सब के बाद मैं भी गई जानिबे रिदा
की अर्ज़ आप पर हो सलाम ऐ मेरे पिदर
यानि मेरा सलाम खुदा के रसूल पर
सरदार दो जहा का अगर ईज़न पाऊ मैं
नज़दीक आप लोगो के चादर मैं आउ मैं
फ़रमाया मुस्तफा ने तुम्हे ईज़न दे दिया
दाखील हुई रिदा में यह सुनते ही फातिमा
फरमाती है यह फातिमा बिन्ते रसूले रब
चादर तले जब आ गए हम लोग सब के सब
उस दम कहा फ़रिश्तो से परवरदिगार ने
है सुनलो बसने वालो मेरे आसमान के
मुझको कसम है अपनी बुज़ुर्गी व शान की
क़ायम जो मैंने की है बिना आस्मान की
और फर्श जो ज़मी का बिछा है ब-हुक्मे रब
या मेहरो माह दीखाते है जलवे जो रोज़ो शब्
या रात दिन जो रेहते है चक्कर में आसमान
बेहरे रवा और उनमे जो चलती है कश्तिया
इन सब के ख़ल्क़ का है सबब इश्क़ पंजतन
इस दम जो मुजतमा है चादरे यमन
पूछा यह जिब्राइल ने बा इज़्ज़ो इनकेसार
चादर के निचे कोन है ऐ मेरे किरदेगार
अल्लाह ने कहा की नबूवत के एहलेबैत
वो सब के सब है ख़ास रिसालत के एहलेबैत
वजहा बनाए अरज़ू समां नूरे मशरेकैन
ज़ेहरा व मुस्तफा व अली और हसन हुसैन
जिब्रईल ने कहा की इजाज़त मिले अगर
साथ उनके मैं छटा हु पहुंच कर ज़मीन पर
अल्लाह ने कहा की तुझे ईज़न दे दिया
उतरे अमी ज़मी पर चले जानिबे किसे
बोले सलाम आप पे ऐ मुर्सले खुदा
ऐ वो की मुंतखिब जिसे अल्लाह ने किया
जो है सलाम उसका भी है तुहफए सलाम
और बाद सद तहैय्यातो इकराम यह पयाम
यानि बलन्दो पस्त व महो मेहर व अस्मा
बेहरे रवा और उनमे जो चलती है कश्तियाँ
यह सब बनाए मैंने तुम्हारे ही वास्ते
पैदा किया तुम्हारी मोहब्बत की वजहा से
और मुझको ईज़न है मेरे परवरदिगार का
मैं भी हु आप लोगो में शामिल तहे रिदा
इज़्ने खुदा तो मिल चूका अब कहिये या नबी
मैं भी रिदा में जाऊ इजाज़त है आपकी
फ़रमाया मुस्तफा ने की है ईज़न है मेरा
यह सुन के जिब्राइल हुए दाखिल रिदा
जाकर रिदा में हक्के अमानत अदा किया
मुझे खुदा ने भेजा था जो वह सब सुना दिया
की अर्ज़ आप लोगो से कहता है किबरिया
ऐ एहलेबैत बस है यही अल्लाह चाहता
हर एक ऐब तुमसे हटाए खुदाए पाक
जो हक़ है पाक करने का ऐसा बनाए पाक
उस वक़्त मुस्तफा से अली ने किया सवाल
मुझसे बयां कीजिये मेह्बूबे ज़ुल जलाल
इस दम जो है नशिस्त हमारी तहे रिदा
अल्लाह की नज़र में है क्या इसका मर्तबा
जिस वक़्त यह सवाल किया बू तुराब ने
फ़रमाया यु जनाबे रिसालत मआब ने
खाकर कसम मैं कहता हु उस किरदिगार की
जिसने मुझे बनाया है पैग़म्बरो नबी
एहले ज़मी की कोई भी महफ़िल हो सुन रखो
जिसने हमारे दोस्तों का एक गिरोह हो
और वा पे इस खबर का किया जाए तज़किरा
होगा नुज़ूल रेहमते परवरदिगार का
जब तक की मुन्तशिर न वो हो जाए सब के सब
घेरे रहेगे उनको मलाएक बहुकमे रब
शिरकत का अपनी हक़ यह अदा करते जाएगे
उन सब कि मगफेरत की दुआ करते जाएगे
उस दम कहा अली ने की अल्लाह की क़सम
अब तो सईद हो गए और कामियाब हम
यु ही हमारे शिया हमारे हबीब भी
मसऊद नेक बख्त हुए खुश नसीब भी
इज़हार जब ख़ुशी का किया बुतुराब ने
फ़रमाया फिर जनाबे रिसालत मआब ने
उसकी क़सम है जिसने बनाया मुझे नबी
जिसकी तरफ से मुझको रिसालत अता हुई
शियो की बज़म में जो बया होगी यह खबर
फ़ज़्ले खुदा से होगा अया उसका यह असर
जो दर्दो ग़म के मारे हो मसरूर होइगे
रंजो मलाल सुनते ही सब दूर होएंगे
जो हो मुराद वाला मुराद अपनी पाएगा
हर एक उदास बज़म से खुश होके जाएगा
फ़रमाया मुर्तुज़ा ने की वल्लाह ऐ हुज़ूर
हम कामियाब दोनों जहा में हुए ज़रूर
हम जिस तरहा सआदते दारैन पा गए
शिया भी यूही दामने रहमत में आ गए

 

आखिरी दुआ

 

या रब्बा हक़ के एहमदे कर्रार मुस्तफ़ा
या रब्बा हक़ के हैदर क़र्रर मुरतज़ा
या रब्बा हक़ के सैय्यदा मासूमा फातिमा
या रब्बा हक़ के सैयदे मस्मूमे मुज्तबा
या रब्बा हक़ के सिब्ते नबी शाहे मशरकैन
तशना दहन मुसाफिरे कार्बोबला हुसैन
जिस बज़म मे यह नज़म पढ़ी जाए ऐ खुदा
हर एक सुनने वालो का हासिल हो मद्दुआ

Hadise Qisa ka Tarjuma in Hindi Video

होम पेज यहाँ क्लिक करें

Also Read: 

Leave a Comment