नींद न आने की दुआ (Neend Na Aane ki Dua in Hindi)

नींद न आने की दुआ – Neend Na Aane ki Dua

नींद न आना भी एक बीमारी जो धीरे धीरे आपके दिल व दिमाग को खा जाती है. नींद अल्लाह का दिया हुआ बेहतरीन तोहफा है. जिसे हर इंसान अपनी ज़िन्दगी में लाना चाहता है. जब हम एक अच्छी और भर पूर नींद लेके उठते है तो हमारा दिल व दिमाग दोनों पूरी तरह से रिचार्ज हो जाता है. लेकिन अगर हमारी नींद पूरी नहीं होती है तो हम दिन भर सुस्त और थके थके से महसूस करते है. हम आपको इस ब्लॉग में Neend Na Aane ki Dua in Hindi में बताने जा रहे हैं.

नींद एक ऐसी नेमत है जो अमीर और गरीब दोनो के पास होती है. सिर्फ पैसा होना ही अल्लाह की नेमत नहीं अक्सर देखने को मिलता है की अमीर बादशाह पैसे से भरा हुआ होता है लेकिन उसकी नींद किसी न किसी परेशानी से उडी रहती है. यानि नींद नरम सोने वाले बादशाह को भी सुकून से नसीब नहीं होती लेकिन फुटपाथ पे सोने वाले गरीब को सुकून से आ जाती है.

जैसा की आप जानते है की हम आपके लिए हिंदी में दुआए पोस्ट करते रहते है. नींद न आने की बीमारी को दूर करने के लिए हम आपके लिए एक ऐसा वज़ीफ़ा लाए है जिससे इंशाअल्लाह आपको पुर सुकून नींद आएगी और आप दिन खुशहाल रहेगा.
अगर किसी ko तकलीफ हो और बेचैनी से नींद नहीं आती हो तो और आप चाहते है की आपको पुर सुकून नींद आ जाए. ताकि जब जागू तो खुश हाल जागु तो इस दुआ ज़रूर पढ़े जिससे आपको सुकून की नींद आ जाएगी।

काम नींद आने पे क्या करे? कुछ चीज़ो का ख्याल रखिये-

1. सबसे पहले मोबाइल और टीवी से दूरी करले
2 . सोने के लिए अंध्रेरा और ठंडा कमरा तैयार करे.
3 . सोने और उठने क रुटीन बनाए.
4 . किसी भी तरह का शोर या तेज़ लाइट से बचे.

नींद न आने की दुआ – Neend Na Aane ki Dua in Hindi

1.सुबह नल्लाहे ज़ीशशाने दाएमिस सुल्ताने अज़ीमअल बुरहाने कुल्ला यौमीन हुवा फि शानिन या मुश्बेअल बुतुनिल जाए आते वया कासे यल जुसुमिल आरेयाते या मुसाकेनल उरुकीज़ ज़ारे बाते वाया मुनव्वे मल उयूनिस साहेराते सक्किन उरुकिज़ ज़ारेबाते वाज़िन ले ऐनी नो मन अजलान।

एक तो यह दुआ हुई और दूसरी दुआ है.दूसरी दुआ इस तरह से है-

2 इन्नललाहा व मलएकातहु यु सल्लूना आल्न नबी या अय्युहल लज़ीना आमनु सल्लू
अलैहे व सल्लेमु तस्लीमा

3.सूरेह वललेल 15 मर्तबा सोते वक़्त पढ़ने से नींद अच्छी अति है.

इंशाअल्लाह राहत और सुकून वाली नींद आपको आएगी.

गौर करने वाली बात: ख़वातीन इस दुआ को नजासत जैसे हैज़ या अय्याम के मख़सूस दिनों में भी पढ़ सकती है.

होम पेज यहाँ क्लिक करें

Also Read: 

Leave a Comment