Surah Ad Duha in Hindi With Translation – सूरह दुहा तर्जुमा के साथ

कुरान के 114 सूरहो में से सूरह अद-दुहा 93वी सूरह है। यह एक छोटी लेकिन बहुत ही अहम सूरह है, यह सूरह हमको अल्लाह की मेहरबानी और रहमदिली की याद दिलाती है। इस सूरह के नाम का मतलब है “सुबह की रौशनी”। यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इस सूरह (Surah Ad Duha in Hindi) का अहम मौज़ू सुबह के समय अल्लाह की रहमदिली और मेहरबानी का नाज़िल होना है।

सूरह अद-दुहा के नाज़िल होने की वजह

यह रिवायत में है, कि रसूल्लुल लाह (सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम) एक बार बीमार पड़ गए थे और दो तीन दिन तक तहज्जुद की नमाज़ नहीं पढ़ सके तब अबू लहब कि बीवी जो ईमान नहीं लायी थी आई और उसने कहा ऐ मुहम्मद ! मेरा ख्याल है कि तेरे शैतान ने तुझे दो तीन रातों से छोड़ रखा है और तुम्हारे करीब नहीं आया है। अबू लहब कि बीवी के इल्ज़ाम को ख़ारिज करने और रसूल की तसल्ली के उस वक़्त ये सूरह (Surah Ad Duha) नाज़िल हुई (हदीस तफ़सीर क़ुरतुबी )

Surah Ad-Duha in Hindi तर्जुमा के साथ Surah No. 93

बिस्मिल्ला हिर रहमानिर रहीम

1. वद दुहा

चढ़ते हुए रोशन दिन की क़सम

2. वल लैलि इजा सजा

और रात की क़सम जब कि छा जाये

3. मा वद दअका रब्बुका वमा क़ला

आप के रब ने न आप को छोड़ा और न आप से नाराज़ हुआ

4. वलल आखिरतु खैरुल लका मिनल ऊला

और बाद में आने वाले हालत आप के लिए पहले वाले हालात से ज़्यादा बेहतर हैं

5. व लसौफ़ा युअ’ तीका रब्बुका फतरदा

और जल्द ही आप का रब आपको इतना नवाजेगा कि आप खुश हो जायेंगे

6. अलम यजिद्का यतीमन फआवा

क्या उसने आपको यतीम नहीं पाया तो उसने ठिकाना दिया

7. व वजदाका दाललन फ हदा

आपको रास्ते से नावाकिफ़ पाया तो रास्ता दिखाया

8. व वजदाका आ इलन फअग्ना

आप को ग़रीब पाया तो दौलतमंद कर दिया

9. फ अम्मल यतीमा फ़ला तक्हर

अब जो यतीम है उस पर सख्ती मत करना

10. व अम्मस सा इला फ़ला तन्हर

और मांगने वाले को झिड़कना नहीं

11. व अम्मा बि निअ’मति रब्बिका फ हददिस

और जो तुम्हारे परवरदिगार की नेअमत है उसका तज़करा करते रहना

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Surah Ad Duha in Hindi Translation –  सूरह दुहा तर्जुमा

Surah Ad Duha in Hindi – आयत 1-3

सूरह अद-दुहा में कुल 11 आयतें हैं। इन आयतों में अल्लाह ने अपनी रहमदिली और दरियादिली का जिक्र किया है और साथ ही, पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए अपने प्यार और लगाओ का भी ज़िक्र किया है। इस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया है की ऐ मोहम्मद अल्लाह न आपसे नाराज़ हुआ है और न ही आपके किसी नाखुश है।

Surah Ad Duha in Hindi आयत 4-6: पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए अल्लाह का प्यार

अगली तीन आयतों में अल्लाह पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए अपने प्यार और लगाव का ज़िक्र करता है। वह कहता है, “क्या आपने नहीं देखा कि कैसे आपके रब ने आपके साथ सलूक किया है? जब आप भटके हुए थे, तो उसने आपको सही रास्ते पर ला दिया। जब आप कमजोर थे, तो उसने आपको ताकत दी। जब आप गरीब थे, तो उसने आपको अमीर बना दिया।” (अद-दुहा 4-6)

Surah Ad Duha in Hindi आयत 7-11: पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को हुक्म

आखिरी पांच आयतों में अल्लाह पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को हुक्म देता है। वह कहता है, “हे पैगंबर, इसलिए आप यतीमों के साथ अच्छा सुलूक करें। इसलिए आप मदद मांगने वाले से कभी मुंह न फेरें। आप उन तालीम को जो अल्लाह ने आपको दी है उसको लोगो तक पहुचाएं ।” (अद-दुहा 7-11)

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