Gusl Karne ka Tarika in Hindi-ग़ुस्ल करने का तरीक़ा

Gusl Karne Ka Tarika in Hindi- ग़ुस्ल करने का तरीक़ा: ग़ुस्ल की फ़ज़ीलत और उसका सही तरीक़ा।

ग़ुस्ल किसे कहते है?

(Gusl Karne ka Tarika) ग़ुस्ल करने से मुराद है पूरे बदन को पाक (साफ़) करना. ग़ुस्ल करना वैसे तो अपने जिस्म की सफाई करना होता है लेकिन कुछ जगहों पे इस्लाम ने ग़ुस्ल को वाजिब कर दिया है और वो शक्स ग़ुस्ल न करे तो वो नापाक है.

gusl karne ka tariqa

ग़ुस्ल कब फ़र्ज़ होता है?

  1. औरत और मर्द के बीच हमबिस्तरी (intercourse)होने के बाद.
  2. औरत और मर्द को ऐहतेलाम (nightfall) होने के बाद.
  3. निफाज़ का खून (delivery) बंद होने के बाद
  4. औरतो के हैज़ (periods) बंद होने के बाद

कुछ चीज़े है जो नापाकी में करना मना है और नाजाएज़ है:

  1. नमाज़ को पढ़ना
  2. क़ुरान को पढ़ना
  3. सज्दए तिलावत करना
  4. काबे का तवाफ़ करना

Gusl Karne ka Tarika in Hindi – ग़ुस्ल का सही तरीक़ा क्या है?

ग़ुस्ल का सही तरीक़ा ये है:

  • सबसे पहले नियत करें कि मैं अल्लाह के लिए ग़ुस्ल कर रहा/रही हूँ.
  • सबसे पहले दोनों हाथों को गट्टो को तीन बार धो लें.
  • फिर प्राइवेट जगह को अच्छे से साफ़ करे.
  • फिर वज़ू करे.बेहतर होगा की बदन पे पानी मल ले.
  • फिर सर को झुका के तीन मर्तबा पानी डाले
  • फिर दाहिने कंधे से लेकर दाहिने पैर तक पानी डाले
  • इसी तरह बाए कंधे से लेकर बाए पैर तक पानी डाले
  • फिर पुरे बदन पे पानी डाल ले.

ग़ुस्ल में क्या ध्यान रखें?

इस बात का ख्याल रखे की पानी आपके पुरे बदन पे पड़ना चाहिए कोई भी जगह खाली नहीं बचे.

ग़ुस्ल करने के फ़ायदे क्या हैं?

  • ग़ुस्ल करने से बदन से गन्दगी साफ़ हो जाती है.
  • ग़ुस्ल करने से बदन से बदबू दूर हो जाती है.
  • ग़ुस्ल करने से बदन को सुकून मिलता है.
  • ग़ुस्ल करने से नफ़्स की बेवाक़फी कम होती है.

Gusl Karne Ka Tarika in Hindi – ग़ुस्ल करने का तरीक़ा (रवायत)

हज़रत अबू हुरैरह (रदियल्लाहु अन्हु) ने फ़रमाया कि रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: “जब कोई शख्स ग़ुस्ल करता है, तो उस वक़्त अल्लाह उसके गुनाहों को दूर कर देता है, और वो गुनाहों से ऐसा पाक हो जाता है जैसे वो उसी दिन पैदा हुआ था.” (सहीह मुस्लिम)

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