Salatul Hajaat Dua – Dua Qubool Hone ka Wazifa

Salat Ul Hajaat – सलातुल हाजत – दुआ क़ुबूल होने का वज़ीफ़ा

सलातुल हाजत एक विशेष नमाज़ है जो किसी भी तरह की परेशानी या हाजत को दूर करने के लिए पढ़ी जाती है। इस नमाज़ को पढ़ने से अल्लाह तआला की रहमत और बरकत प्राप्त होती है और दुआ जल्दी कुबूल होती है। इस ब्लॉगपोस्ट में हमने आपको Salatul Hajaat Dua और नमाज़ का तरीका नीचे बताया है।

Salatul Hajaat Dua , Namaaz का तरीक़ा – Dua Qubool Hone ka Wazifa in Hindi

सबसे पहले पाक जगह ढूंढें और वज़ू करें। अगर आपको वज़ू करने का तरीका नहीं पता है तो आप हमारी वज़ू करने का तरीका इन हिंदी ब्लॉगपोस्ट को पढ़ सकते हैं. वज़ू करने के बाद 4 रकात नमाज़ पढ़ें और सलातुल हाजत की नियत करें। नीचे दी हुई नमाज़ के तरीका पढ़ कर आप ४ रकात पूरी करें। नमाज़ शुरू करने से पहले 100 बार दुरूद शरीफ़ की एक तस्बीह पढ़ लें।

पहली रकात : काबे की तरफ मुँह करके नियत करें और फिर सूरह फ़ातिहा पढने के बाद और ये आयते करीमा 100 बार पढ़ें और उसके बाद कोई भी सूरह पढ़े।

لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظَّالِمِينَ
हिन्दी : ला इलाहा इल्ला अंता सुब्हानक इन्नी कुन्तु मिनज़ ज़ालिमीन

दूसरी रकात : फिर दूसरी रकात में सूरह फ़ातिहा पढने के बाद नीचे दी हुई आयत 100 बार पढ़ें

رَبِّ اَنِّیْ مَسَّنِیَ الضُّرُّ وَ اَنْتَ اَرْحَمُ الرّٰحِمِیْنَۚۖ
हिन्दी : रब्बी इन्नी मस सनियद दुर्रु व अंता अरहमुर राहिमीन

तीसरी रकात : फिर तीसरी रकात में सूरह फ़ातिहा पढने के बाद नीचे दी हुई आयत 100 बार पढ़ें
“وَأُفَوِّضُ أَمْرِي إِلَى اللَّهِ إِنَّ اللَّهَ بَصِيرٌ بِالْعِبَادِ
हिन्दी : व उफ़व विदु अमरी इलल लाह, इन्नल लाहा बसीरुम बिल इबाद

चौथी रकात : फिर चौथी रकात में सूरह फ़ातिहा पढने के बाद नीचे दी हुई आयत 100 बार पढ़ें

حَسْبُنَا اللهُ وَنِعْمَ الوَكِيلُ
हिन्दी : हस बुनल लाहु व निअ’मल वकील

ये चारों रकतें पढ़ लेने के बाद सजदे में सर ले जाएँ और 100 बार ये दुआ पढ़ें
رَبِّ اَنِّیْ مَغْلُوْبُ فَانْتَصِرْ
रब्बी इन्नी मग्लूबुन फन्तसिर

इसके बाद 100 बार दुरूद शरीफ़ की एक तस्बीह पढ़ लें। फिर आप अपनी हाजत को तालाब करें , इंशाअल्लाह सारी नेक दुआएं ज़रूर क़ुबूल होंगी

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Translation of Salatul Hajaat Dua in Hindi

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे उस नाम से सवाल करता हूं जो तेरा नाम है और जिसके सिवा कोई दूसरा नाम नहीं है। तू दयालु और दान करने वाला है। तू आसमानों और धरती का रचयिता है। तू ज़ालत और इज़्ज़त वाला है।

मुझे मेरे गुनाहों को माफ़ कर, मुझ पर रहम कर, मुझे हिदायत दे, मेरी मदद कर, मुझे ज़रूरत की चीज़ें दे और मेरी ज़रूरतें पूरी कर।

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे उस भलाई का सवाल करता हूं जिससे तेरा बंदा और तेरा नबी ने तुझसे सवाल किया है। और मैं तुझसे उस बुराई से पनाह मांगता हूं जिससे तेरा बंदा और तेरा नबी ने तुझसे पनाह मांगी है।

ऐ अल्लाह! मुझे अपनी हलाल चीज़ों से मालामाल कर अपनी हराम चीज़ों से बर्बाद मत होने दे। और मुझे अपनी फ़ज़ल से उन लोगों से बेज़रूरत कर जिनके सिवा तेरे कोई नहीं है।

मैं आशा करती हूं कि यह ब्लॉग पोस्ट आपको Salatul Hajaat Dua in Hindi और उसकी अहमियत , तर्जुमे पसंद आया होगा। अगर आपका कोई भी सवाल है तो please कमेंट करें।

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