Surah Al Kausar in hindi- सूरह कौसर हिंदी में

(Surah al kausar) सूरह कौसर क्या है ?

सूरह कौसर कुरआन की 108वीं सूरह है और इसमें 3 छोटी आयतें हैं। यह मक्का में नाजिल हुई सूरहों में से एक है। आज हम इस पोस्ट के ज़रिये से सूरेह क़ौसर हिंदी में (Surah Al Kausar in hindi) और सूरेह क़ौसर हिंदी तर्जुमे के साथ बताने जा रहे है. नमाज़ को पढ़ते वक़्त कोई भी दूसरी सूरेह पढ़ सकते है जिनमे से एक सूरेह सूरेह क़ौसर भी है. इस सूरेह की फ़ज़ीलत बहुत है इसलिए सूरेह क़ौसर की तिलावत सच्चे और साफ़ दिल से करनी चाहिए। सूरह का नाम “कौसर” शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब है “अज़ीम रेहमत “।

सूरेह क़ौसर कैसे नाज़िल हुई – Surah Kausar in Hindi

जब अल्लाह के नबी को उनके ज़माने के लोग अबतरके तने देने लगे थे तब अल्लाह ने उनके जवाब में सूरेह कौसर नाज़िल की जिसके नाज़िल होने के बाद अल्लाह के नबी के चेहरे मुबारक पे एक खूबसूरत सी मुस्कुराहट नमूदार हुई. इस लिए हर मोमिन को सूरेह क़ौसर को जानना और पढ़ना चाहिए। आज हमने इस पोस्ट के ज़रिये सूरेह क़ौसर को हिंदी में (Surah Al Kausar in hindi) पेश किया है जिसे आप आसानी से पढ़ सकते है.

सूरह कौसर की आयतें:

बिसमिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

इन्ना आतय ना कल कौसर
बेशक हमने आपको कौसर अता किया है

फसल्लि लिरब्बिका वन्हर
बस आप अपने रब के लिए नमाज़ अदा कीजिये और क़ुरबानी कीजिये

इन्ना शानिअका हुवल अब्तर
बेशक आपका दुश्मन बेनामों निशान रहेगा

सूरह कौसर की मौज़ू –

अल्लाह की रेहमत : सूरह कौसर की शुरुआत ही अल्लाह के अज़ीम रेहमत के ज़िक्र से होती है। यह अल्लाह की रेहमत और दया का एक खूबसूरत और जज़्बाती बयां से होती है।

सूरह कौसर के फायदे –

 

आशीर्वाद और कामियाबी:

सूरह का रोज़ाना पढ़ने से अल्लाह की अज़ीम रेहमत मिलती है और ज़िन्दगी में कामियाबी मिलती है.

दुश्मनों से हिफाज़त :

सूरह को पढ़ने से नापाक इरादो से हिफाज़त हासिल होती है और वे असफल होते है

मन का सुकून :

सूरह को पढ़ने से इंसान को चैन और सुकून फ़राहम करती है. यह ज़िन्दगी की परेषानियो का सामना करने के लिए ज़ेहनी ताकत देता है.

सूरह कौसर एक छोटी लेकिन बहुत ही खास सूरेह है और दुश्मनो की कमी का पैगाम देती है. यह नमाज और कुर्बानी की खासियत को बताती है और हमें अपने अल्लाह के बताए हुए सीधे रस्ते पे चलने के लिए बताती है. (Surah Al Kausar in hindi ) सूरेह को रोज़ाना पढ़ने से अल्लाह की रेहमत हासिल होती है और ज़िन्दगी में कामियाबी हासिल होती है.

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