गाय पर निबंध हिंदी में – Essay on Cow in Hindi

गाय एक ऐसी पालतू जानवर है जिसको हर बच्चे और बड़े ने अपने ज़िन्दगी में देखा है। जिससे हर बच्चे और बड़ो को इसके ढूध और घी से फायदा पहुँचता है। गाय पूरी दुनिया में पाए जाती है। गाय का भारत में प्राचीन काल से अर्थव्यवस्था में बहुत महत्त्व रहा है। गाय दुधारू पशु होने की कारड गाय के दूध से बनने वाले घी,पनीर, मलाई, खोया, मिठाईयो को बेच के भारत के किसान भाइयो को आर्थिक मदद मिलती है, जो हमारे भारत के अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में सहायक है। गाय को पालने का चलन वेदो में मौजूद है। इनमे देवी-देवताओ का खास वास होता है। इसलिए गाय ज्यादा तर गाओ के घरो में पाई जाती है। आज हम आपको अपने इस पोस्ट में गाय पर निबंध हिंदी में – (essay on cow in hindi) के कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे है जिसकी मदद से छात्र को निबंध लिखने में सहायता मिलेगी। कुछ लोगो को हिंदी में निबंध लिखने में परेशानी होती है। आज बड़े बड़े competitive एग्जाम में ऐसे कई हिंदी में निबंध लिखने को आ जाता है जिसको लिखने में परेशानी होती है। इस लिए हमने अपने इस ब्लॉग में (Cow Par Nibandh) बहुत ही सरल भाषा में लिखा है जिसकी मदद से आप (cow Essay In Hindi) पे निबंध लिख सकते है।

गाय पर निबंध हिंदी में 1000 शब्दों में – Essay on Cow in Hindi

प्रस्तावना :

गाय एक पालतू जानवर जो आपको हर जगह देखने को मिल जाएगी. मन जाता है की गाय का उल्लेख वेदो मे भी पाया जाता है। यो तो गाय की कई तरह की प्रजातियां पाई जाती है जिनमे से बैल, साँड़ और नील गाय है लेकिन जितनी आबादी गाय की है उतनी और सब प्रजातियो की नहीं है. आज हर इंसान को गाय की हर प्रजातियों से कोई नकोई लाभ मिल रहा है। गाओ में हर घरो में आपको गाय, बैल की मौजूदगी मिलेगी चूकि खेत में काम करने वाले किसान बैल की मदद से ही अपने खेतो में अनाज बोते है. और गाय के गोबर से खाद बनाते है ।

Essay on cow

गाय की महत्वता :

गाय हर मामले में फायदा पहुँचती है जैसी की इसका ढूध बहुत ही पौस्टिक होता है और बच्चो से लेकर बूढ़ो तक इसको पीते है.गाय के ढूढ़ से तरह तरह भी बनते है जो हर कारिक्रम में खाए जाते है. गाय के दूध से घी, दही, पनीर,मख्खन, बनाया जाता है. गाय एक उपयोगी पशु है. बाजार में गाय का घी जितना पुराना होता है उतना ही महंगा मिलता है.अगर किसी बच्चे को सर्दी लग जाए तो उसे गाय का घी सीने पे और पीठ पे मलने से उसकी सर्दी जल्दी दूर हो जाती है. और यह घी जितना पुराना हो उतना अच्छा होता है.यहाँ तक की गए के मूत्र आयुर्वेदिक औषधि मेभी इस्तेमाल किये जाता है. गाय का गोबर फसलों के लिए बहुत ही उपयोगी होता है. इससे खाद बना कर खेतो में डाला जाता है. गाय के चमड़े जूते, बेल्ट, और बैग बनाने के काम आता है और इसकी सिंघ और खुर से दैनिक उपयोगी सामान बनाया जाता है ।

गाय की शारीरिक संरचना :

गाय के मुँह, दो कान,दो आंखे , एक पुंछ, चार थन ,चार पैर होते है.गाय के खुर उसके जूते का काम करती है. गाय की पूछ लम्बी होती है जिससे वो मख्खियाँ उड़ाने में काम आती है. कई ऐसी प्रजातीया है जिसमे गायो के सिंघ नहीं होती लेकिन ज़्यादा तर हर प्रजातियों में सिंघ होती है ।

गाय की नस्ले :

हमारे भारत में कई प्रकार की गाय की नस्ले पाई जाती है। हमारे देश में कुल 43 प्रकार की देसी गाय की नस्ले पाई जाती है। जिनमे से “साहीवाल, लाल सिंह, गिर, मालवीय, बचौर , डांगी, गिर, काकरेंज, सिंधी. जैसी गाय पाई जाती है।

43 प्रकार की गाय के बारे में जानकारी :

  • साहीवाल गाय सबसे ज़्याद पाए जाने वाली गायो में से एक है। यह यूपी, एमपी, और हरियाणा ज़िले में पाई जाती है। यह गाय 2000 से 3000 लीटर तक ढूध देती है।
  • गंगातीरी गाय मुख रूप से बिहार ज़िले में पाई जाती है। यह 900 से 1200 लीटर दूध देती है।
  • सीरी गाय सिक्कीम ज़िले में पाई जाती है। इसका रंग काले और सफ़ेद रंग का होता है।
  • मालवीय गाय का रंग खाकी होताहै और गर्दन पे काला रंग होता है, इनको एमपी में ज़्यादा देखा जाता है।
  • सिंधी गाय लाल रंग की पाईजाती है। जिको पंजाब, कर्णाटक, केरला, हरियाणा जैसे ज़िले में पाई जाती है।
  • काकरेंज गाय राजिस्थान में पाई जाती है। यह रोज़ाना 5 से 10 लीटर तक दुध देती है।
  • बद्री गाय उत्तरखंड जैसे पहाड़ी इलाके में पाई जाती है। यह भूरे, लाल रंग की होती है।

गाय की धर्मिक महत्त्व :

गाय को प्राचीन काल से ही पूजा गया है आज भी गाय की पूजा भारत में बहुत धूम धाम से होती है। कहा जाता ही की गाय पे माँ देवी की कृपा होती है। गाय के गोबर का इस्तेमाल आज भी घरो में किया जाता है। आज बड़े बड़े शहरों में गाय मिलना मुश्किल हो गया है और आज त्योहारो में गाय का गोबर ऑनलाइन मिलने लगा है। इस लिए दिवाली के ठीक दूसरे दिन गोवर्धन पूजा होती है जिसमे गायो की विशेष पूजा की जाती है। उन्हें नहलाया जाता है सजाया जाता है। भगवान कृष्ण केपास भी एक गाय थी जिसका नाम गोपाल था, इनकी गाय केप्रति प्रेम बहूत प्रसिद्ध है जो आज भी याद किया जाता है।

निष्कर्ष :

आज गायो की तादाद कम होती जा रही है। कुछ बीमारियों से मर जाती है तो कोई शिकार हो जाती है. आज हर इंसान गाय की चीज़ो से फायदा उठता है। हमें चाहिए की गायो की ज़्यादा से ज़्यादा ख्याल करे ताकि वो ज़्यादा से ज़्यादा बच सके।

गाय पर आसान 5 लाइन का निबंध -(Easy Essay on Cow in 5 Lines in Hindi )

  1. गाय एक पालतू जानवर है।
  2. गाय के 2 सिंघ,4 पैर, एक पुंछ होती है।
  3. गाय कई रंगो की पाई जाती है।
  4. गाय एक उपयोगी पशु है।
  5. गाय को हम गौ माता भी कहते है।

गाय पर 10 लाइन का निबंध -(Essay on Cow in 10 Lines in Hindi )

  1. गाय एक पालतू जानवर है।
  2. गाय कई रंगो की पाई जाती है।
  3. गाय के 4 पैर, एक पूछ, और 2 सिंघ होती है।
  4. गाय घास और हरी सब्ज़ी और पत्ते खाती है।
  5. गाय के बच्चे को बछड़ा कहते है।
  6. गाय का दूध बहुत पौस्टिक होता है।
  7. गाय शाकाहारी जानवर है।
  8. गाय को पूजा जाता है।
  9. गाय के दूध से घी, पनीर और मिठाईया बनती है।
  10. गाय के गोबर से खाद बनती है।

हमने अपने इस निबंध “गाय पर निबंध हिंदी में” – Essay on Cow in hindi इस पोस्ट में गाय के बारे में सारी जानकारी देने की कोशिश की है उम्मीद है की आपको हमारी इस् पोस्ट से फाएदा पहुंचेगा और जानकारी पाने के लिए हमें कमेंट करे।

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