विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण : World Environment Day Speech in Hindi

पर्यावरण दिवस पर भाषण (World Environment Day Speech in Hindi) – पर्यावरण दिवस पर भाषण लिखना बहुत आसान है। क्युकी भारत का हर नागरिक इस पर्यावरण से होने वाले नुकसान के बारे में जानता है। आज स्कूल और कॉलेजेस में विद्यार्थियों से पूछे जाने वाले सवालो में से सबसे एहम सवाल (Environment Day Speech in hindi) यह भी है। जो दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसे कम करने में सरकार की नीतिया तो बन गई है लेकिन उसपे काम नहीं किया जाता। पर्यावरण दिवस के दिन हर साल पूरी दुनिया में जगह जगह पेड़ लगाए जाते है ताकि इसके ज़रिये से पर्यावरण में सुधार हो सके लेकिन पेड़ लगाना ही काफी नहीं है। इसे कम करने के लिए हमें कई महत्त्वपूर्ड कदम उढ़ाना पड़ेगा। आज के इस पोस्ट में (World Environment Day Speech in Hindi ) हमने पर्यावरण दिवस के बारे में कई जानकारी दी है जिससे विद्यार्थी अपने परीक्षा में “विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण” पे अच्छे से बोल सके और लोगो को सतर्क कर सके। हमने अपने इस पोस्ट में कैसे करे घर से शुरूआत, पर्यावरण को हानि से रोके, वैज्ञानिको की सोच पर्यावरण को लेके, जागरूकता के बारे में बताने जा रहे है।

World Environment Day Speech in Hindi

विश्व पर्यावरण दिवस पर भाषण : World Environment Day Speech in Hindi

आज हम सब पर्यावरण दिवस के मौके पे इकठ्ठा हुए है। आज 5 जून हर जगह विश्व पर्यावरण दिवस के नाम से मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर इकठ्ठा होकर हमें शपत लेना चाहिए कि यह धरती माता जिसने हमे जन्म दिया, जिसकी मिट्टी से हम पैदा हुए, जिसने हमे पाल पोस के बड़ा किया आज हम इसी धरती माता की गोद को पीड़ित कर रहे है। जिससे कई जीव, जन्तु को हानि पहुंच रही है और वो विलुप्त होते जा रहे है। जिससे धरती पे खतरा मंडरा रहा है। जगह जगह फैक्ट्रीया लगाने के लिए पेडो की कटाई की जा रही है। जिससे landslide का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। अगर यह हालात इसी तरह रहे तो आगे आने वाली पीढ़ी को भी इसी तरहा से समस्या देखने को मिलेगी। इस लिए सन 2023 में एक थीम चलाई गई थी जिसका मोटो था ”प्लास्टिक प्रदुषण से मुक्ति” रखा गया था। जिसके ज़रिये से लोगो को जागरूक करना था की प्लास्टिक का इस्तेमाल खतम करके हम किस तरह से धरती को साफ़ और सुरक्षित कर सकते है। इतने प्रयास के बाद भी दशा बिगड़ती हुई नज़र आ रही है। जिसे सुधराने के लिए अलग अलग तरह के उपाए की ज़रुरत है।

विश्व पर्यावरण दिवस को सन 1972 में राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित किया गया था। सन 1973 में पहली बार एक कदम वातावरण को प्रदूषित होने से रोकने के लिए उठाया गया था जिसमे सबको इकठा करके इस महत्वपूर्ड विषय पर जागरूक किया गया था। पर्यावरण प्रदूषित होने से जंगली जानवरो के अस्तित्व भी ख़तम होते जा रहे है। वही 2016 में एक नारा था “जीवन के लिए जंगली बनो” क्युकी अब जंगली बन के ही वनजीवों को सुधारा जा सकता है ताकि उनके द्वारा हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।

कैसे करे घर से शुरूआत?

दुनिया को सुधराने के लिए सबसे पहले हमें अपने घरो से शुरूआत करनी होगी। अपने घरो में पेड़ को लगाए और eco freindly चीज़ो का इस्तेमाल करे। पल्स्टिक का इस्तेमाल बंद करदे। जब भी बाहर सामान लेने जाए। कागज़ या कपडे का थैला का इस्तेमाल करे। ताकि कम से कम प्लास्टिक उपयोग में आने के बाद धरती में समाना बंद हो जाए। धरती की हर चीज़ एक दूसरे पे निर्भर है, हम जीव जंतु पे तो जीव जंतु हम पे।
इस प्लासटिक को पालतू और जंगली जानवर भी खाने के साथ खा जाते जिससे उनके पेट में प्लास्टिक गलती नहीं और अन्य तरह की बीमारिया हो जाती है और जिससे इनसे इनकी मृत्यु हो जाती है। प्लास्टिक का जाल इसी तरह से फैलता गया तो कल को जीव जंतु धीरे धीरे विलुप्त हो जाएगी। जिससे पर्यावरण को भी हानि पहुंचेगी।

पर्यावरण को हानि से रोके –

हम सब अपने ही हाथो से पर्यावरण को हानि पहुचा रहे है। धरती अपन सीना खोल के चीख रही है “मुझे बचाओ ” लेकिन मानव जाती प्रकृति को पूरी तरह से प्रदूषित करता जा रहा है। जहा देखो चारो ओर बेरहमी से पेड़ो की कटाई हो रही है। प्रकृति को जड़ से उखाड़ा जा रहा है। फिर क्या यह धरती पनप पाएगी? जी नहीं ! बल्कि पेड़ को काटने से रोके, नदियों में प्लास्टिक के बढ़ते हुए जाल के कफन को ख़तम करे, हवा में घुलते हुए ज़हरीले प्रदुषण को रोके जिससे होने वाली बीमारिया पनप रही है, बिजली का इस्तेमाल अपने ज़रुरत पड़ने के हिसाब से करे।

वैज्ञानिको की सोच पर्यावरण को लेके –

जिस तरह से दिन प्रति दिन पृथ्वी पे हालत ख़राब हो रहे है। उसकी ज़िम्मेदार मानव गतिविधिया है। यह सबसे बड़ी सम्स्या बन गई है क्युकी जितने भी जीव, जंतु, नदिया, पहाड़, जंगल हरे भरे नज़र आते थे आज इनकी दशा बिगड़ गई है। और यह बिलकुल विलुप्त हो गए है। क्युकी इंसानो ने अपने को प्रकृति से ज़्यादा ताकतवर समझ लिया है। और इसे नस्ट करने में बेज़ोर कोशिश किया जा रहा है। लेकिन यह नादान इंसान इतना नहीं जानता की जिस प्रकृति ने इन्हे सब कुछ दिया वही प्रकृति कल को इंसान को भी तबाह कर देगा।
वैज्ञानिको के अनुसार पर्यावरण दूषित होने से हमारी पृथ्वी पर भी संकट लेहरा रहा है। स्टीफन एक महान वैज्ञानिक है उनके अनुसार इस दशा में पृथ्वी को बचा पाना बहुत मुशकील साबित हो गया है। मानव को पृथ्वी पे रहने के लिए पृथ्वी को बचना होगा वरना इस ग्रह पर रहना मुश्किल हो जाएगा।

जागरूकता –

  • हमें सबसे पहले इसके लिए जागरूक होना होगा और जल्द से जल्द कदम उढ़ाना होगा। हमें हर वर्ष एक पेड़ को अवश्य लगाना चाहिए।
  • दुसरो को ज़्यादा से ज़्यादा शिक्षित करना होगा ताकि जागरूकता फैले।
  • अलग अलग संस्था में जागरूकता कैंप लगा के awareness को जगाना होगा ताकि यह विश्व पर्यावरण दिवस को मानव जाती इसे अपने मस्तिस्क में बैठा ले।
  • बिजली का इस्तेमाल ज़रुरत पड़ने पर ही करे ज़रुरत न होने पे इसे बंद कर दे।
  • गाड़ीयो का इस्तेमाल ज़रुरत पड़ने पर ही करे ज़्यादा से ज़्यादा साइकिल का इस्तेमाल करे।
  • सिर्फ ज़बानी भाषण न दे बल्कि इस्पे विचार भी करे।

निष्कर्ष –

यह चिंताजनक विषय बन गया है। जागरूकता सिर्फ किताबो में ही न रह जाए बल्कि हमें अपने जीवन में भी इसे उतरना होगा।आइये आज से एक शपत ले, एक कदम उठाए और पर्यावरण को दूषित होने से बचाए, धरती माँ को फिर से हरा भरा बनाए ताकि यह पहल से दुसरो को भी सीख मिले। और वो भी इस कारिक्रम में शामिल हो सके। पेड़ को लगाए, बिजली को बचाए, पानी का इस्तेमाल कम करे। आपका एक कदम पृथ्वी को दूषित होने से बचा सकता है।

मुझे आशा है की हमारे इस भाषण से (Environment Day Speech in Hindi) न लोग सिर्फ जागरूक होगे बल्कि आपके एक कदम से धरती माँ को हमेशा के लिए हरी भरी हो सकती है।

आशा है कि आपको हमारी World Environment Day Speech in Hindi पोस्ट पसंद आई होगी। इसी तरहा के Essay पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट http://preparationlab.com के साथ बने रहें।

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