शिक्षक दिवस और सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर निबंध (Essay on Teachers Day in Hindi) –

शिक्षक दिवस हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इस दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस है, इन्ही की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। हमारे भारत देश में शिक्षकों को माता पिता का दर्जा दिया गया है। शिक्षक ही हमें ज़िन्दगी की सिख सिखाते है। शिक्षक ही हमें सही रास्ते पे चलना सीखाते है। शिक्षक दिवस गुरु को समर्पित करने का दिन है। इस दिन हर छात्र अपने गुरु को याद करता है और शिक्षक दिवस को खुशियों के साथ मनाता है। यह पोस्ट (Teachers Day Essay in Hindi) उनके लिए जिन्हे शिक्षक दिवस पर भाषण देना चाहते हो। इस पोस्ट से आपको न सिर्फ शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay on Teachers Day in Hindi) लिखने में मदद मिलेगी, बल्कि इस निबंध को किस तरह से लिखे इसकी जानकारी मिलेगी। इस पोस्ट में हमने शिक्षक दिवस का महत्त्व, शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम, गुरु देते है ज्ञान का दीपक, आखिर क्यों मानते है शिक्षक दिवस ? (Essay on Teachers Day in 10 Lines in hindi ) (Teachers Day Wishes & Quotes In Hindi) (Essay on Teachers Day in 10 Lines In Hindi) को detail से पेश किया है। उम्मीद है की आपको हमारी इस पोस्ट शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay on Teachers Day in Hindi) से लाभ होगा। स्कूल, कॉलेजेस और बड़े बड़े competitive एग्जाम में शिक्षक दिवस पर निबंध लिखने को आता है। इसलिए ज़रूरी है की इस दिन के महत्त्व को जानना जिससे आप शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay in Hindi) को अच्छी तरह से लिख सके। इस लिए हमने अपने इस ब्लॉग में (Essay on Teachers Day in Hindi) बहुत ही सरल भाषा में लिखा है जिसकी मदद से आप शिक्षक दिवस पर निबंध पे निबंध 200 से 400 शब्दों में आसानी से लिख सकते है।

Essay on Teachers Day n Hindi

शिक्षक दिवस और सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर निबंध (Essay on Teachers Day in Hindi) –

प्रस्तावना –

हमारे देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति श्री डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में मनाया जाता है। हर साल 5 सितम्बर को सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देके राष्ट्रीय शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। राधाकृष्णन 5 सितम्बर, 1888 को तमिलनाडु में मद्रास के एक छोटे से गाँव में हुआ था। मद्रास में ही बड़े हुए वही से शिक्षा देने का सफर शुरू हुआ। 1921 से 1936 तक कलकत्ता विश्वविद्यालए में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के पद पे रहे। फिर 1936 से 1939 तक ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालए में स्पॉन्डिंग प्रोफ़ेसर के पद पे थे। 1939 से 1948 तक कशी हिन्दू विश्वविद्यालए में वाईस चांसलर के पद पे रहे। उन्हें अध्यापको से गहरा लगाव था। इसलिए इनकी याद मे पुरे भारत में शिक्षक दिवस बड़ी ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस पर आयोजित कारिक्रम (Drama on Teachers Day in Hindi) –

शिक्षक दिवस किसी त्योहार से कम नहीं है। इस दिन का इंतज़ार हर छात्र को होता है। इसकी तैयारी काफी दिनों से शुरू हो जाती है। इस दिन स्कूलों में तरह तरह के कारिक्रम आयोजित होते है जिसमे,सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्म्मान में केक काट के उनको याद किया जाता है, बड़े क्लास के बच्चे छोटे बच्चो के क्लास मे जाहै और उन्हें शिक्षक बनके पढ़ाने का मौका मिलता है। क्लास को सजाया जाता है, शिक्षकों को बैठया जाता है, नाश्ता खिलाया जाता है, कार्ड और उपहार दिए जाते है। स्कूल में चित्रकला,भाषण, वाद विवाद, प्रतियोगिता होती है। जिसमे बच्चो और शिक्षको को सरकार द्वारा समान्नित किया जाता है। इस दिन “समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवित्ति योजना ” का भी एलान किया जाता है।

गुरु देते है ज्ञान का दीपक-

हमारे भारतीय संस्कृति में गुरु की पूजा की जाती है। क्युकी यह गुरु ही है जो हमारे जीवन से अंधकार दूर करके शिक्षा की रोशनी फैलाते है। गुरु हमें शिक्षा दे के हमें एक ज़िम्मेदार नागरिक बनाते है। वे हमारी गलतियों को सुधारते है, गलत और सही का फ़र्क़ बताते है। ज़िन्दगी में आने वाली हर उतार चढ़ाओ से लड़ने का साहस देते है। कहा जाता है की बच्चे गीली मिटटी की तरह होते है उन्हें जिस सांचे में डालियेगा वो वैसे ही बनेगे, गुरु बच्चो को कुम्हार की तरहा मीठी के ढांचे में डालते है और अच्छा प्रकार देके उन्हें अच्छी राह दिखाते है।

आखिर क्यों मानते है शिक्षक दिवस ?

श्री डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन हमारे देश के उपराष्ट्रपति बनने से पहले शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए थे। काफी लम्बे वक़्त तक उन्होंने विश्वविद्यालाओ में छात्रों को पढ़ाया। उनके शिक्षक और प्रशंसकों ने उनके जन्म दिन 5 सितम्बर को सार्वजानिक रूप से मनाने की ख्वाइश की तो उन्होंने इस दिन को जीवनभर के लिए “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाने का राय दिया। 1994 में unesco ने इस दिन को मानयता दी। उसके बाद से आज तक हर साल इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में पुरे भारत देश में मनाया जाने लगा।

Teachers Day Wishes & Quotes In Hindi –

शिक्षक दिवस के मौके पर अपने शिक्षक को यह स्पेशल मैसेज भेज के उन्हें शुभकामनाए दे सकते है।

जीवन के हर अंधेरे में
रोशनी दिखाते हैं आप
बंद हो गए जब सब दरवाजे
नए रास्ते दिखाते हैं आप
सिर्फ किताबे ही ज्ञान नहीं
जीवन जीना सिखाते हैं आप
Happy Teachers Day

आपने दिया ज्ञान का भंडार मुझे
किया भविष्य के लिए तैयार मुझे
जो किया आपने उस उपकार के लिए
नहीं शब्द मेरे पास आभार के लिए
शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं !

सही क्या है गलत क्या है
ये सबक पढ़ाते हैं आप
झूठ क्या है और सच क्या
ये बात समझाते हैं आप
जब सुलझता नहीं कुछ भी
राहों को सरल बनाते हैं आप।
Happy Teachers Day

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय
शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं !

अक्षर-अक्षर हमें सिखाते है
शब्द-शब्द का अर्थ बताते है
कभी प्यार से कभी डांट के
जीवन कैसे जिए हमें सिखाते है।
शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं !

गुरु तेरे उपकार का
कैसे चुकाऊं मैं मोल
लाख कीमती धन भला
गुरु हैं मेरे अनमोल 
Happy Teachers Day

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं !

शिक्षक दिवस और सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर 10 लाइनें- Essay on Teachers Day in 10 Lines In Hindi –

  1. शिक्षक दिवस हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है।
  2. इस दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस है। 1994 में unesco ने इस दिन को मानयता दी।
  3. राधाकृष्णन 5 सितम्बर 1888 को तमिलनाडु में मद्रास के एक छोटे से गाँव में हुआ था।
  4. शिक्षक ही हमें ज़िन्दगी की सिख सिखाते है। शिक्षक ही हमें सही रास्ते पे चलना सीखाते है।
  5. इस दिन स्कूल में चित्रकला, भाषण, वाद विवाद प्रतियोगिता होती है।
  6. इस दिन “समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्र वित्ति योजना ” का भी एलान किया जाता है।
  7. सर्वपल्ली राधाकृष्णन हमारे देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे।
  8. मद्रास में ही बड़े हुए वही से शिक्षा देने का सफर शुरू हुआ।
  9. 1921 से 1936 तक कलकत्ता विश्वविद्यालए में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के पद पे रहे।
  10. 1936 से 1939 तक ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालए में स्पॉन्डिंग प्रोफ़ेसर के पद पे थे।

निष्कर्ष-

जीवन में एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए एक अध्यापक भी कभी छात्र हुआ करता था। इस लिए अपने जीवन में कभी भी आपको किसी को शिक्षित करने का अवसर मिले तो अपनी जीवन में अध्यापक बनके देखिये क्युकी जो मज़ा शिक्षा बाटने में है वो लेने में नहीं। क्युकी किसी ने सही कहा है की शिक्षा बाटने से बढ़ती है। इसलिए जितना हो सके इसे बाटिये नाकि अपने पास संजो के रखिये। जीवन में आप कितने भी बड़े आदमी क्यो ना बन जाए कोशिश कीजिये की समय निकाल के अपने अध्यापक से एक बार जरूर मिले। उनकी सलाह ले और उनका सम्मान कीजिये। शिक्षक हमारे जीवन की एक कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वे हमारे समाज का भविष्य गढ़ते है। आईये अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए उन्हें इस भावपूर्ण अवसर पर तहे दिल से शुभकामनाए देते है।

हमने अपने इस Essay on Teachers Day in Hindi पोस्ट में शिक्षक दिवस और सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर निबंध के बारे में सारी जानकारी देने की कोशिश की है उम्मीद है की आपको हमारी इस् पोस्ट से फाएदा पहुंचेगा और जानकारी पाने के लिए हमें कमेंट करे।

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