हिंदी दिवस पर निबंध- Essay on Hindi Diwas in Hindi

हर साल 12 सितम्बर को “हिंदी दिवस” मनाया जाता है। हिंदी भाषा हमारी मातृ भाषा के साथ साथ हमारी गर्व की भाषा भी है। जो हमें एक अलग पहचान देती ही और समाज में बोलने वाली सबसे सरल भाषा भी है “हिंदी दिवस” मनाने से हिंदी समाज और हिंदी भाषा को एक सम्मान और विकास होने में महत्वपूर्ण अवसर मिलता है। हिंदी भाषा विश्व में सबसे ज़्यादा बोलने वाली तीसरी भाषा है। इस अवसर पर स्कूल और कॉलेजेस में भाषण और निबंध प्रतियोगिता होती है। जिसमे छात्रों को हिंदी दिवस के महत्व को बताने का मौका मिलता है। हमारी इस पोस्ट से आपको न सिर्फ “हिंदी दिवस” पर निबंध (Essay on Hindi Diwas in Hindi) लिखने में मदद मिलेगी, बल्कि इस निबंध को किस तरह से लिखे इसकी जानकारी मिलेगी। इस पोस्ट में हमने “हिंदी दिवस” का महत्त्व,हिंदी दिवस पर निबंध 10 लाइन, “हिंदी दिवस” पर आयोजित कार्यक्रम, “हिंदी दिवस” पर निबंध 300-400 शब्दों में, (Speech on Hindi Diwas in Hindi) के बारे में बताया गया है। उम्मीद है की आपको हमारी इस पोस्ट (हिंदी दिवस पर निबंध- Essay on Hindi Diwas in Hindi) से लाभ होगा। आइये इस “हिंदी दिवस” 2024 को खुशियों के साथ मनाए और भारत देश की मातृ भाषा को आगे बढ़ाए।

हिंदी दिवस पर निबंध- Essay on Hindi Diwas in Hindi

प्रस्तावना- हिंदी का महत्व -(हिंदी दिवस” पर निबंध 300-400 शब्दों में)

हिंदी भाषा पूरी दुनिया में बोलने वाली सबसे प्रसिद्ध भाषा में से एक है। पूरी दुनिया में 420 मिलीयन लोग सबसे पहले हिंदी भाषा का ही इस्तेमाल करते है, बाकी 120 मिलियन लोग किसी अन्य भाषा का इस्तेमाल करते है। हिंदी भाषा भारत की मातृ भाषा होने की वजह से भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली भाषा है। भारत में अलग अलग राज्यों में अलग अलग भाषाए बोली जाती है, 2011 के जनगणना के अनुसार भारत में हिंदी भाषा को 52.83 crore लोगो द्वारा बोली जाती है। बाकि तेलुगु (8.11 करोड़ वक्ता), उर्दू (5.07 करोड़ वक्ता) , असमिया (1.53 करोड़ वक्ता), मलयालम (3.48 करोड़ वक्ता) , मराठी (8.30 करोड़ वक्ता),बांग्ला (9.72 करोड़ वक्ता) ,तमिल (6.90 करोड़ वक्ता) , गुजराती (5.54 करोड़ वक्ता),उड़िया (3.75 करोड़ वक्ता), पंजाबी (3.31 करोड़ वक्ता), कन्नड़ (4.37 करोड़ वक्ता) *हिंदी भाषा भारत की एक खास भाषा जो हमेशा से भारत को एकजुट करने का काम करती है।

(इतिहास और महत्त्व) –

हिंदी दिवस को मनाने का सबसे महत्वपूर्ण कारण यह भी था की भारत देश में अंग्रेज़ी भाषा का चलन ज़्यादा होता जा रहा था, इसके पीछे हिंदी भाषा को सब भूलते जा रहे थे। इस लिए इस कदम को उठाना बहुत ज़रूरी हो गया था। भारत के स्वतंत्रता के बाद भारत के सविधन सभा ने 14 सितम्बर 1949 को एकमत होके हिंदी भाषा को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया। हिंदी भाषा जो की देवनागरी लिपि लिखी गई है, उसे ऑफिसियल भाषा के रूप में स्वीकार किया गया। 1953 को सबसे पहला हिंदी दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। हिंदी भाषा कई राज्यों में प्रमुख भाषा के तौर पे इस्तेमाल होती है। बाकि कई विदेश के राज्यों में भी हिंदी भाषा का इस्तेमाल होता है। हिंदी भाषा को भी लेफ्ट से राइट (बाए से दाए) की तरफ लिखा जाता है। हमारे भारत देश का राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों हिंदी में लिखा गया है जो आज भी बड़े ही गौरव के साथ गाया जाता है। जिसे बड़े ही सम्मान के साथ सीधे खड़े होके गाया जाता है।

हिंदी को कैसे बचाए ?

आज हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हमे अंग्रेजी के साथ साथ हिंदी भाषा का भी ज्ञान दे ताकि आगे आने वाली पीढ़ी को हिंदी भाषा का महत्त्व पता रहे। हिंदी भाषा धीरे धीरे विलुप होती जा रही यही है। ज़रूरी है की हम अपने घरो में हिंदी भाषा का प्रयोग करे ताकि हिंदी भाषा बोलचाल के साथ साथ माहोल में भी गूंजे। हिंदी साहित्य को पढ़े ताकि इसका वजूद बना रहे। और दुसरो को भी प्रेरित करे, हिन्दी संगीत, नाटकों, फिल्मो का आनंद ले। सरकारी संस्थानों में हिंदी भाषा का प्रयोग करे।

हिंदी दिवस पर निबंध 10 लाइन – 10 Lines Essay on Hindi Diwas in Hindi-

  1. हर साल 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
  2. 14 सितम्बर 1949 को एकमत होके हिंदी भाषा को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया।
  3. हिंदी दिवस सबसे पहले 14 सितम्बर 1953 को मनाया गया था।
  4. 2011 के जनगणना के अनुसार भारत में हिंदी भाषा को 52.83 crore लोगो द्वारा बोली जाती है।
  5. 1953 को सबसे पहला हिंदी दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया।
  6. हमारे भारत देश का राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों हिंदी में लिखा गया है जो आज भी बड़े ही गौरव के साथ गाया जाता है।
  7. हिंदी दिवस लोगो को हिंदी के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।
  8. हिंदी दिवस के दिन हर स्कूल और कॉलेजेस में प्रतियोगिता आयोजित किया जाता है।
  9. अपने घरो में हिंदी भाषा का प्रयोग करे ताकि हिंदी भाषा बोलचाल के साथ साथ माहोल में भी गूंजे।
  10. हिंदी भाषा भारत की एक खास भाषा जो हमेशा से भारत को एकजुट करने का काम करती है।

निष्कर्ष –

आज हम और आप अपनी मातृभाषा हिंदी को छोड़ के अंग्रज़ी की तरफ दौड़ रहे है वही दूसरी ओर अँगरेज़ हमारे ही देश में आके हमारी मातृ भाषा को अपने अंदर उतार रहे है। वो भी क्या दिन थे जब हमारे घर आए हुए अतिथि को जब घर का बच्चा हिंदी में कविता, या rymes सुनाता था तो माता-पिता का दिल गर्व सी खुश हो जाता था। आज हम पढ़े लिखो के माहौल में अगर हिंदी भाषा का इस्तेमाल कर दे तो हमे लोग कम पढ़ा लिखा समझने लगते है। इसी कारण से आज हिंदी भाषा का इस्तेमाल करने से लोग घबराते है। आज हर माँ बाप अपने बच्चो को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना चाहते है। हर स्कूलों में विदेशी भाषा पे ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है। लेकिन इन स्कूलों में हिंदी भाषा विलुप्त होती जा रही है। हमें अपनी मूल भाषा को नहीं खोने देना है। आज भी सारे पुराने दस्तावेज़ हिंदी भाषा में ही मिलते है। इसे पढ़ने के लिए अलग अलग भाषाओ में अनुवाद किया जाता है। आज हम भारतीय संस्कृति को भुलते जा रहे। आगे आने वाली पीढ़ी हमारी मातृ भाषा को भूल जाएगी।

हमने अपने इस Essay on Hindi Diwas in Hindi पोस्ट में हिंदी दिवस के बारे में सारी जानकारी देने की कोशिश की है उम्मीद है की आपको हमारी इस् पोस्ट से फाएदा पहुंचेगा और जानकारी पाने के लिए हमें कमेंट करे।

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